ठाणे की SRA परियोजनाओं पर एक्शन मोड में प्रताप सरनाईक, बोले- कागजी कार्रवाई नहीं, जमीन पर काम चाहिए

Thane SRA Projects: ठाणे के ओवला-माजिवड़ा की 11 SRA परियोजनाओं की समीक्षा में कई प्रोजेक्ट 18-20 साल से लंबित मिले। मंत्री प्रताप सरनाईक ने लापरवाह विकासकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
Thane SRA Projects Owala Majiwada Pending For 20 Years
SRA परियोजनाओं की समीक्षा करते मंत्री प्रताप सरनाईक(फोटो नवभारत)
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Pratap Sarnaik Action Over Thane Pending Projects: ओवला-माजिवड़ा विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से लंबित (SRA) झोपड़पट्टी पुनर्वास परियोजनाओं को अब गति देने की कवायद शुरू हो गई है।

परिवहन मंत्री और ओवला-माजिवड़ा के विधायक प्रताप सरनाईक ने गुरुवार को ठाणे स्थित झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) कार्यालय में क्षेत्र की 11 लंबित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए विकासकों की लापरवाही से कई प्रोजेक्ट लटके हुए हैं।

18 से 20 वर्षों से लंबित

समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि इनमें से कुछ परियोजनाएं पिछले 18 से 20 वर्षों से लंबित हैं। विकासकों की कथित लापरवाही और लगातार हो रही देरी के कारण झोपड़पट्टीवासियों को अब तक उनके हक के पक्के घर नहीं मिल सके हैं।

इस पर मंत्री सरनाईक ने विकासकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी मनमानी और अड़ियल रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रताप सरनाईक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो विकासक परियोजनाओं को पूरा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं या लंबे समय से उन्हें लटकाए हुए हैं, उनसे परियोजनाएं वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए। ऐसे प्रोजेक्ट सक्षम और आर्थिक रूप से मजबूत विकासकों को सौंपने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

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नहीं चलेगी कागजी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि झोपड़पट्टी पुनर्वास योजना का मूल उद्देश्य झोपड़पट्टियों में रहने वाले आम नागरिकों को सुरक्षित और स्वामित्व वाला घर उपलब्ध कराना है। इसलिए केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर काम में तेजी लाने की जरूरत है।

पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द उनके अधिकार का घर मिले, इसके लिए पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रत्येक परियोजना की मौजूदा स्थिति, लंबित अनुमतियां, विकासकों की क्षमता, रहिवासियों की समस्याएं, पुनर्वास में आ रही अड़चनें तथा प्रस्तावित और क्लस्टर योजना से जुड़े प्रोजेक्टों की भी समीक्षा की गई।

मंत्री ने कहा कि विकासकों की निष्क्रियता का खामियाजा ठाणे शहर के आम झोपड़पट्टीवासियों को नहीं भुगतना चाहिए। नागरिकों को वर्षों तक केवल आश्वासन देते रहने के बजाय लंबित परियोजनाओं को पूरा कर उन्हें उनके हक का घर दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी करनी होगी।

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