

अगस्त में समायोजित किए गए शिक्षकों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियां बढ़ी हैं।
गृहकर्ज की किस्तें, बीमा प्रीमियम और अन्य देनदारियां बकाया होने से शिक्षकों पर वित्तीय दबाव है।
शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष अनिल बोरनारे ने दिवाली से पहले वेतन शुरू नहीं होने पर ठाणे मनपा प्रशासन के खिलाफ तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी।
Teachers Salary Delay Protest Warning: ठाणे मनपा के स्कूलों में समायोजित किए गए शिक्षकों का पिछले दो महीने से वेतन न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दिवाली से पहले वेतन का भुगतान शुरू नहीं होने पर ठाणे मनपा प्रशासन के खिलाफ तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
यह चेतावनी शिक्षक महासंघ, मुंबई एवं कोंकण विभाग के अध्यक्ष अनिल बोरनारे ने दी है। इस संबंध में बोरनारे ने ठाणे मनपा के उपायुक्त और शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित शिक्षकों का वेतन तत्काल शुरू करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई के शिक्षा निरीक्षक उत्तर, पश्चिम और दक्षिण विभागों के अंतर्गत आने वाले निजी स्कूलों में अतिरिक्त घोषित शिक्षकों का अगस्त महीने में ठाणे मनपा के विभिन्न स्कूलों में समायोजन किया गया था।
इसके बाद से ये शिक्षक मनपा के स्कूलों में नियमित रूप से अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। हालांकि, दो महीने बीत जाने के बावजूद उनके वेतन के संबंध में ठोस कार्रवाई नहीं होने से शिक्षकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वेतन नहीं मिलने से कई शिक्षकों के गृहकर्ज की मासिक किस्तें, बीमा प्रीमियम और अन्य आर्थिक देनदारियां बकाया हो गई हैं। संबंधित वित्तीय संस्थाओं की ओर से विलंब शुल्क और जुर्माना लगाए जाने के कारण शिक्षकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जो उनके लिए चिंता का विषय बन गया है।
अनिल बोरनारे ने कहा कि शिक्षकों को नियमित रूप से अध्यापन का कार्य करने के बावजूद वेतन के लिए अनिश्चितता का सामना करना पड़ना उचित नहीं है। ठाणे महानगरपालिका प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समायोजित शिक्षकों का वेतन तत्काल शुरू करना चाहिए, ताकि दिवाली से पहले उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय लेकर वेतन का मुद्दा नहीं सुलझाया, तो शिक्षक महासंघ की ओर से ठाणे जिला प्रशासन के खिलाफ तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।