6 शहरों का जल संकट जल्द होगा दूर, 3 बांधों के निर्माण का एक महत्वाकांक्षी खाका किया गया तैयार

Thane Water Project: ठाणे व नवी मुंबई सहित छह शहरों में पानी की कमी दूर करने हेतु तीन नए बांध बनाए जाएंगे। वहीं, तेंदुओं के बढ़ते हमलों रोकने के लिए सैटेलाइट और AI तकनीक का उपयोग होगा।
Three new dams will be built to resolve the water crisis in Thane and Navi Mumbai
ठाणे महानगरपालिकासोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • ठाणे सहित 6 शहरों के लिए 3 नए बांध बनाने की योजना।

  • ठाणे में रोज 47 MLD पानी की कमी, नवी मुंबई को मिलेगा 500 MLD पानी।

  • तेंदुओं पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट और AI तकनीक का इस्तेमाल होगा।

Maharashtra Water Crisis Solution: बढ़ती आबादी एवं जलसंकट का सामना कर रहे ठाणे, नवी मुंबई व आसपास के प्रमुख शहरों के लिए एक राहत भरी खबर है। ठाणे व आसपास के 6 शहरों में पानी की कमी को हमेशा के लिए दूर करने को लेकर तीन बांधों के निर्माण का एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया गया है।

इसके साथ ही, राज्य में लगातार बढ़ रहे तेंदुओं के हमलों और उनकी आवाजाही पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है। जिसमें सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। ठाणे में आयोजित जनता दरबार में लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद वन मंत्री गणेश नाईक ने यह जानकारी दी।

तेजी से बढ़ती आबादी से गंभीर हुई समस्या

ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, भिवंडी और पनवेल इन छह प्रमुख शहरों में लगातार बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है।

इस समस्या से स्थायी रूप से निपटने के लिए रायगड जिले के कर्जत तालुका में पोशीर डैम' के निर्माण के अलावा, एक-एक हजार एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता के दो और नए बांध प्रस्तावित किए गए है।

ठाणे मनपा क्षेत्र में रोज 621 एमएलडी पानी की जरूरत

ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र की आबादी लगभग 27 लाख है। शहर के लोगों के लिए रोजाना 621 एमएलडी पानी की जरूरत है, जबकि बमुश्किल 590 एमएलडी की आपूर्ति हो पाती है। नए निर्माण कार्यों के कारण मांग और बढ़ गई है, जिससे वर्तमान में 47 एमएलडी पानी की कमी बनी हुई है।

इसका सबसे बुरा असर घोडबंदर, कलवा, मुंब्रा और दिवा जैसे इलाकों पर पड़ रहा है। नई जल योजना के तहत नवी मुंबई को 500 एमएलडी पानी दिया जाएगा, जबकि शेष पानी का बड़ा हिस्सा ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, भिवंडी और पनवेल के बीच वितरित किया जाएगा। इस परियोजना से भविष्य की जलापूर्ति को एक बड़ा संबल मिलेगा।

छठ पूजा पर उपलब्ध होगी सुविधा

ठाणे शहर सहित पूरे जिले में उत्तर भारतीय समाज की तरफ से बड़े पैमाने पर छठ पूजा का आयोजन किया जाता है।

छठ पूजा पर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर रुद्र प्रतिष्ठान अध्यक्ष एड। धनंजय सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वन मंत्री एवं जिले के संपर्क मंत्री गणेश नाईक को ज्ञापन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में विनोद गुप्ता, अमित सिंह, जयप्रकाश यादव, तुषार नाईक सहित अन्य शामिल ने. मंत्री नाईक ने सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

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ग्राम स्तर पर सतर्कता दल

वन मंत्री गणेश नाईक ने बताया कि वन विभाग के साथ-साथ पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं। सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और सरपंचों जैसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ग्राम स्तर पर विशेष सतर्कता दल बनाए गए हैं, जो लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

तेंदुओं को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए आवश्यक जगहों पर पिंजरे लगाए गए है। वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी व्यवस्था को और अधिक मुस्तैद व सक्षम बनाने के कड़े निर्देश दिए गए है, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

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वन विभाग के साथ पुलिस और राजस्व विभाग का समन्वय

एक तरफ जहां पानी की किल्लत दूर करने की योजना बनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर ठाणे जिले सहित पूरे राज्य में मानवीय बस्तियों की ओर बढ़ रहे तेंदुओं का खतरा भी गहराता जा रहा है। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए वन विभाग ने तकनीकी रूप से उन्नत सुरक्षा चक्र तैयार किया है।

जंगलों और बस्तियों के पास मंडराते तेंदुओं की हरकतों पर पैनी नजर रखने के लिए सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की मदद ली जा रही है। इसके जरिए संवेदनशील और संभावित खतरे वाले इलाकों में पहले से ही सतर्कता प्रणाली एक्टिव कर दी गई है।

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