

कांचनवाड़ी निवासी चिकन दुकान संचालक से 12 लाख रुपये की कथित ठगी।
कांचनवाड़ी-पैठण मार्ग पर गट क्रमांक 10 में प्लॉट दिखाने का आरोप।
12 नवंबर 2024 को 12 लाख रुपये में हुआ था सौदा।
मनपा की अतिक्रमण कार्रवाई में भूखंड पर बना टीन शेड हटाया गया।
पैसे वापस मांगने पर टालमटोल और धमकी देने का आरोप; सातारा पुलिस ने मामला दर्ज किया।
Chhatrapati Sambhajinagar Crime Plot Fraud: छत्रपति संभाजीनगर में कानूनी प्लॉट बताकर चिकन दुकान संचालक से 12 लाख रुपये लेने का आरोप है। सौदे के करीब चार महीने बाद मनपा की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भूखंड का आधे से अधिक हिस्सा प्रभावित हुआ। शिकायत पर सातारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
छत्रपति संभाजीनगर, कानूनी भूखंड बताकर चिकन दुकान संचालक से 12 लाख रुपये लेने और बाद में मनपा की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जमीन का बड़ा हिस्सा प्रभावित होने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर सातारा पुलिस ने अशोक रावसाहेब गायके के खिलाफ धोखाधड़ी और कथित जाली दस्तावेजों से संबंधित मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, कांचनवाड़ी निवासी अरबाज इलियास कुरेशी (27) अपनी चिकन दुकान के लिए जगह तलाश रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने उन्हें कांचनवाड़ी-पैठण मार्ग पर महानगरपालिका की सीमा में स्थित गट क्रमांक 10 का लगभग एक हजार वर्ग फुट का भूखंड दिखाया।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने भूखंड को कानूनी संपत्ति बताते हुए भरोसा दिलाया था कि भविष्य में कोई विवाद हुआ तो वह उसे सुलझा देगा। इसी भरोसे पर 12 नवंबर 2024 को 12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
पीड़ित के मुताबिक, सौदे के तहत पांच लाख रुपये का चेक दिया गया, जबकि शेष सात लाख रुपये नकद दिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दूसरा चेक बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया।
सौदा होने के करीब चार महीने बाद महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग ने संबंधित भूखंड पर बना टीन का शेड हटा दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस कार्रवाई में जमीन का आधे से अधिक हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में आ गया, जिससे खरीदी गई जगह का अपेक्षित उपयोग प्रभावित हुआ।
शिकायत के अनुसार, कार्रवाई के बाद अरबाज ने आरोपी से पैसे वापस मांगे, लेकिन कथित तौर पर उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा। पीड़ित ने धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
सातारा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच हवलदार महेश गोल कर रहे हैं। पुलिस जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।