(प्रतीकात्मक तस्वीर)
BJP Win Celebration In Thane: ठाणे तथा जिले के उप नगरों में बिहार में भाजपा की जीत का जश्न मनाया गया यहां के भाजपा कार्यालयों में कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। कई भाजपा कार्यालयों में मिठाईयां भी बांटी गई।
जीत के जश्न का माहौल ठाणे शहर से लेकर नवी मुंबई, कल्याण डोंबिवली, उल्हासनगर तथा भिवंडी में भी दिखाई दिया। ठाणे में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के साथ भाजपा की बहुमत से जीत का जश्न मिठाई बांटकर मनाया।
भाजपा के पूर्व वरिष्ठ नगरसेवक संजय वाघुले द्वारा रेलवे स्टेशन के बाहर आयोजित विजय उत्सव में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। विधायक संजय केलकर, जिला अध्यक्ष संदीप लेले, संजय वाघुले ने भाजपा की जीत और इतिहास रचने की परंपरा पर खुशी जताई।
नवी मुंबई में भी भाजपा कार्यालय में बिहार में एनडीए को मिली बड़ी जीत का जश्न मनाया गया, इस जीत पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नवी मुंबई उत्तर भारतीय प्रकोष्ट के अध्यक्ष राजेश राय ने कहा कि बिहार में जिस तरह से एनडीए को जीत मिली है, उससे यह बात साफ हो जाती है कि लोगों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विधास और भी गहरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्ष ने नैरेटिव फैलाने का काम किया था उसका लाभ एनडीए को मिला। बिहार के मतदाताओं ने खुले मन से एनडीए के प्रति विश्वास व्यक्त किया है। नवी मुंबई के भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार में जीत का लाभ नगर निकाय चुनाव पर पड़ेगा और यहां भी भाजपा को जीत मिलेगी। बिहार की जीत ने ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण तथा अन्य क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अद्वितीय नेतृत्व भाजपा की संगठनात्मक रणनीति और देश भर में पार्टी द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी नीतियों के कारण प्राप्त हुई है। संजय वाघुले ने कहा कि बिहार की जनता ने विकास, सुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपना अटूट विश्वास व्यक्त किया है।
इस अवसर पर पूर्व उपमहापौर सुभाष काले, शरदजी पुरोहित, सुभाष काले, जयेंद्र कोली, बाला केंद्र, वपाली वाघुले, मंडल अध्यक्ष रोहित गोसावी, नीलेश दिनेश पाटिल, सचिन सावंत, नीलेश पाटिल, योगेश भुजबल सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे।
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कांग्रेस और उसके साथी दल जो केवल जाति और तुष्टिकरण की राजनीति पर टिके थे, वे पूरी तरह धराशायी हो गए, कांग्रेस का एकल अंक में सिमटना यह कड़वा सच उजागर करता है कि राहुल गांधी की राजनीति का किसी बड़े और जागरूक राज्य में कोई प्रभाव नहीं है।
उनका जाति कार्ड, सांप्रदायिक कार्ड और बनाया गया हर नैरेटिव बुरी तरह विफल हो गया है। बिहार के गरीब, पिछड़े, महिला, युवा, किसान और मजदूर, सभी ने एनडीए के पक्ष में मजबूती से मतदान किया है।
– डॉ श्रीकांत शिंदे, सांसद