Thane Station का दबाव घटाने का प्रोजेक्ट फिर लटका, सांसद बोले-तुरंत कार्रवाई करें

Thane-Mulund के बीच नया उपनगरीय रेलवे स्टेशन निर्माण विभागीय तालमेल की कमी से अटका है। लागत 120 से बढ़कर 245 करोड़ हो गई। सांसद नरेश म्हस्के ने संसद में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
Thane Station
ठाणे स्टेशन (सौ. सोशल मीडिया )
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Thane News In Hindi: ठाणे एवं मुलुंड रेलवे स्टेशन पर उपनगरीय रेल यात्रियों की भीड़ कम करने को लेकर ठाणे-मुलुंड के बीच नए रेलवे स्टेशन निर्माण का निर्णय लिया गया था लेकिन रेलवे मंत्रालय एवं मध्य रेलवे प्रशासन के बीच तालमेल की कमी के कारण उपनगरीय रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य में देरी हो रही है।

120 करोड़ के इस परियोजना पर अब तक 245 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। यह मामला गुरुवार को ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के ने संसद में उठाया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को 'फास्ट ट्रैक' पूरा करने और यात्रियों को राहत देने के लिए तुरंत मुंबई डिवीजन को 'ऑफिशियल इंस्ट्रक्शन' जारी का काम रेल मंत्रालय को करना चाहिए।

संसद में रेलवे स्टेशन के निर्माण का मुद्दा उठाते हुए म्हस्के ने कहा कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की आबादी दिन-ब-दिन बढ़ रही है। इससे रेलवे की लोकल सर्विस पर दबाव पड़ रहा है। 'जीवन सुलभता' एवं 'यात्रा सुलभता' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है।

इस सपने को पूरा करने के लिए, दुनिया के सबसे विजी स्टेशनों में से एक ठाणे स्टेशन पर लोड कम करने के लिए 'स्मार्ट सिटी मिशन' के तहत ठाणे और मुलुंड के बीच एक 'नया उपनगरीय रेलवे स्टेशन' मंजूर किया गया था। जो अब तक पूरा नहीं हुआ।

बढ़ गया निर्माण का खर्च

महस्के ने संसद को बताया कि 3 जुलाई, 2024 को हुई एक बैठक में यह तय हुआ था कि इस स्टेशन के रेलवे वाले हिस्से के काम का खर्च रेल मंत्रालय उठाएगा, लेकिन मुंबई डिवीजन के अधिकारियों को अभी तक मंत्रालय से कोई ऑफिशियल इंस्ट्रक्शन नहीं मिले हैं।

वे बहाने बना रहे हैं कि इंस्ट्रक्शन न होने की वजह से वे काम शुरू नहीं कर सकते। इस देरी का नतीजा यह है कि यह प्रोजेक्ट, जिसका शुरुआती अनुमानित खर्च 120 करोड़ रुपये था, अब बढ़कर 245 करोड़ रुपये हो गया है। स्मार्ट सिटी मिशन मार्च 2025 में खत्म हो रहा है।

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