प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Thane Road Accident Compensation News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से न्याय और राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने साल 2020 में एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हुए व्यक्ति के परिजनों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 44.13 लाख रुपए के मुआवजे का आदेश दिया है। न्यायाधिकरण के सदस्य आर. वी. मोहिते ने आदेश दिया कि क्रेन मालिक और ‘न्यू इंडिया एश्योरेंस’ कंपनी को संयुक्त रूप से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ यह राशि अदा करनी होगी।
यह दुर्घटना 5 फरवरी 2020 की है। 46 वर्षीय प्रभाकर बजरंगी शर्मा एक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर जा रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार JCB क्रेन ने पहले एक पैदल यात्री को टक्कर मारी और फिर शर्मा की मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में शर्मा क्रेन के नीचे कुचल गए। पेशे से एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत शर्मा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ‘न्यू इंडिया एश्योरेंस’ ने जिम्मेदारी से बचने के लिए कई तर्क दिए। कंपनी का दावा था कि दुर्घटना मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही के कारण हुई। इसके अलावा, कंपनी ने यह तकनीकी आपत्ति भी जताई कि जेसीबी चालक के पास भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था।
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हालांकि, न्यायाधिकरण ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। न्यायाधिकरण ने पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूत स्पष्ट करते हैं कि क्रेन चालक वाहन को बेहद लापरवाही और तेज गति से चला रहा था। लाइसेंस के मुद्दे पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जेसीबी का वजन 7,460 किलोग्राम है, जो ‘लाइट मोटर व्हीकल’ (LMV) की श्रेणी में आता है और चालक के पास इसका वैध लाइसेंस मौजूद था।
न्यायाधिकरण ने मृतक की पत्नी और उनके तीन बेटों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 44.13 लाख रुपए के मुआवजे की गणना की है। ब्याज के साथ यह राशि परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक संबल साबित होगी।