Thane: ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य में ठाणे की बड़ी भूमिका, उद्योगों की समस्याओं पर फोकस
Thane District में उद्योगों को बिजली, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। MIDC क्षेत्रों में सड़क सुधार और अंडरग्राउंड केबलिंग पर विशेष जोर दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Thane Industrial Area: महाराष्ट्र की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में ठाणे जिले का महत्त्वपूर्ण योगदान रहने वाला है। जिसको लेकर प्रशासन जिले में उद्योगों की समस्याओं से छुटकारा दिलाने के प्रयास में जुट गया है।
ठाणे जिले में उद्योग समूहों को प्रोत्साहित करने और उनकी कठिनाइयों को जानने के लिए पिछले महीने जिलाधिकारी डॉ। श्रीकृष्ण पांचाल की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया था।
उस बैठक में जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक, महावितरण के अधीक्षण अभियंता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। औद्योगिक कंपनियों और संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान डॉ पांचाल ने ठाणे जिले में उद्योगों के लिए सकारात्मक पहलुओं का जिक्र करते हुए उनसे औद्योगिक विकास के अपेक्षित कारकों के बारे में भी पूछा था।
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औद्योगिक विकास के लिए दीर्घकालिक उपाय को लेकर उन्होंने सुझाव भी मांगे थे। औद्योगिक क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत रेडीमेड गारमेंट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने अलग-अलग तरह की समस्याओं का जिक्र करते हुए समाधान की मांग की थी। अब प्रशासन ने इस पर पहल शुरू कर दी है।
सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण करने पर जोर
मुरबाड में उद्योगों को लगातार बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पुराने और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण, बिजली आपूर्ति आए दिन बाधित होती है और इसे बहाल करने में, खासकर मानसून के दौरान, काफी समय लगता है, इसके समाधान के रूप में निजी बिजली वितरण कंपनी को अनुमति देने या भूमिगत केबल बिछाने की मांग की गई थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर महावितरण बिजली आपूर्ति की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इसी तरह एमआईडीसी की सभी सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण करके आरसीसी (प्रबलित कंक्रीट सीमेंट) से निर्माण किया जाएगा। इससे सड़कों की मजबूती बढ़ेगी और भूमिगत बिजली केबल सुरक्षित रहेंगे। औद्योगिक निर्यात गतिविधियों के कारण, कंटेनर ट्रक सड़कों पर खड़े हो जाते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम हो जाता है।
पिछले एक साथ से बिजली हो रही है गुल
बिजली आपूर्ति पिछले एक साल से नियमित रूप से एक से 2 घंटे के लिए बिजली गुल ही रही है, जिससे उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है। कटाई नाका से बदलापुर एमआईडीसी तक सड़कों की सतह ठीक से नहीं बनाई गई है, जिससे यातायात जाम हो रहा है। इस संदर्भ में संबंधित विभाग को निर्देश दिये गए हैं। इसी तरह अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया जा रहा है।
नहीं उपलब्ध कराई गईं बुनियादी सुविधा
मुरबाड-शाहपुर रोड सड़क काम काम पिछले काफी समय से चल रहा है। खासकर कुडावली एमआईडीसी के बाहर का तीन किलोमीटर का हिस्सा महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह सड़क उद्योगों को समृद्धि राजमार्ग से जोड़ती है। इस संदर्भ में जिलाधिकारी डॉ। पांचाल ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिया है।
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अंबरनाथ मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की मांग पर प्रशासन ने सकारात्मक दृष्टिकोण से काम करना शुरू किया है। कहा गया था कि एमआईडीसी ने प्लॉट आवंटन करते समय कई स्थानों पर उचित बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराया। इस वजह से प्लॉट धारकों को परेशानी हो रही है। आंतरिक सड़कें और वर्षा जल निकासी व्यवस्था अभी भी अधूरी है।
