ठाणे कोस्टल रोड निर्माण: 13.45 KM कॉरिडोर का 75% फाउंडेशन पूरा, छह लेन कॉरिडोर बदलेगा सफर की तस्वीर
Thane Coastal Road Project: ठाणे कोस्टल रोड परियोजना का 75% नींव कार्य पूरा हो गया है। 13.45 किमी छह लेन कॉरिडोर पर गर्डर लॉन्चिंग शुरू हो चुकी है, जिससे घोड़बंदर रोड का ट्रैफिक कम होगा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
ठाणे कोस्टल रोड परियोजना (सोर्स: AI)
Thane Coastal Road Project Six Lane Corridor: मुंबई महानगर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित ठाणे कोस्टल रोड परियोजना तेजी से आकार ले रही है। परियोजना शुरू होने के महज 14 महीनों के भीतर 13.45 किलोमीटर लंबे छह लेन कॉरिडोर में एलिवेटेड वायडक्ट की 75 प्रतिशत से अधिक नींव का कार्य पूरा कर लिया गया है।
फिलहाल, अब कई हिस्सों में गर्डर लॉन्चिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा, जबकि ठाणे, मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक तेज, सुगम व आधुनिक हो जाएगी।
पहली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना
परियोजना का निर्माण नवयुगा इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार बालकुम की ओर अधिकांश हिस्सों में पियर कैप का निर्माण पूरा हो चुका है, जिससे अब ऊपरी ढांचे के निर्माण को गति मिल रही है। यह छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर खारेगांव नाका से गायमुख तक बनाया जा रहा है, और इसे घोड़बंदर रोड के प्रभावी विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता सिंगल-पाइल, सिंगल-पियर सिस्टम और मोनोपाइल फाउंडेशन तकनीक का उपयोग है। ऑनशोर सड़क निर्माण में इस तकनीक का उपयोग करने वाली यह देश की पहली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना मानी जा रही है। इस आधुनिक तकनीक से निर्माण कार्य तेज होने के साथ परियोजना का भूमि उपयोग भी कम होगा।
बड़ा हिस्सा ठाणे क्रीक के किनारे
परियोजना का बड़ा हिस्सा ठाणे क्रीक के किनारे एलिवेटेड वायडक्ट और पुलों के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संवेदनशील मैंग्रोव क्षेत्र पर न्यूनतम प्रभाव डालते हुए पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। गायमुख में यह सड़क प्रस्तावित गायमुख-फाउंटेन होटल सुरंग से जुड़ेगी, जिससे भायंदर की ओर सीधा मार्ग उपलब्ध होगा और वाहन चालकों को घोड़बंदर रोड की भीड़ से राहत मिलेगी।
इन कॉरिडोर से जुड़ेगी परियोजना
भविष्य में इस परियोजना को कासरवडवली-खरबाव, गायमुख-पायगांव और कोलशेत-काल्हेर क्रीक ब्रिज, विरार-अलीबाग मल्टी-मॉडल कॉरिडोर, ठाणे रिंग मेट्रो, ठाणे कोस्टल रोड-2 और साकेत-अमाने एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी प्रमुख परियोजनाओं से भी जोड़ा जाएगा।
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परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद
अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क न केवल पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, प्रस्तावित वधावन बंदरगाह व औद्योगिक क्षेत्रों तक माल परिवहन को भी अधिक तेज और सुगम बनाएगा। इससे ठाणे और पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
