

Thane Census Training: भारतीय जनगणना की ऐतिहासिक प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। आबादी के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विकसित हुए ठाणे जिले में भी जनगणना की तैयारी करते हुए जिलाधिकारी व प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ श्रीकृष्ण पांचाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए 'जनगणना 2027' के तहत घरों की लिस्टिंग और घरों की गिनती के काम के पहले चरण के लिए जिले में नौ चार्ज ऑफिसर ऑफिस में गिनती करने वालों और सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है।
इन लगातार सेशन में, नियुक्त कर्मचारियों को जनगणना की पूरी डिजिटल वर्किंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। पहली बार मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मदद (डिजिटली) इस प्रक्रिया को पूरा करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से 'डिजिटल' है।
ट्रेनिंग के दौरान, गिनती करने वालों को टेक्निकल बातों पर खास ज़ोर दिया जा रहा है, जैसे एक खास मोबाइल ऐप का इस्तेमाल, मुश्किल लगने वाले सवालों के जवाब को आसान बनाना, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) की अचूक रचना सही और इकट्ठा की गई जानकारी की कॉन्फिडेंशियलिटी और सिक्योरिटी पर विशेष जोर दिया गया है। ट्रेनिंग के ये स्टेज सिर्फ़ थ्योरेटिकल ही नहीं हैं, बल्कि इनमें प्रैक्टिकल एक्सरसाइज़ भी शामिल हैं, ताकि असल काम के दौरान कोई गलती न हो। जिले के हर तहसील लेबल पर जनगणना की तैयारियां तेजी से चल रहीं हैं। जिले के महत्वपूर्ण तहसील भिवंडी में तहसीलदार एवं चार्ज ऑफिसर अभिजीत खोले की उपस्थिति में ट्रेनिंग दी गई।
ये सारी तैयारियां इसलिए की जा रही हैं ताकि ज़िले में 16 मई से 14 जून, 2026 तक चलने वाले फिजिकल हाउस लिस्टिंग और जनगणना कैंपेन को अच्छे से लागू किया जा सके।
ठाणे जिलाधिकारी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने इस कैंपेन की अहमियत बताते हुए कहा है कि चूंकि यह जनगणना सिर्फ़ आंकड़े नहीं बल्कि देश में भविष्य के नियोजन की नींव है। इसलिए नागरिक अपने दरवाज़े पर आने वाले प्रगणक को सही और वस्तुनिष्ठ जानकारी देकर सहयोग करें। नागरिकों को अपनी जानकारी खुद भरने के लिए दी गई 'सेल्फ एन्यूमरेशन' स्व-गणना की प्रदान की गई है। इस सुविधा का भी ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने की अपील जिलाधिकारी ने की है।