नागपुर कलेक्टर ऑफिस में ACB की रेड, 5 लाख की रिश्वत लेते हुए राजस्व सहायक गिरफ्तार, मचा हड़कंप

Nagpur Bribery Case: नागपुर जिला कलेक्टर कार्यालय के राजस्व सहायक नरेश बर्वे को ₹5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। निर्माण अपील निपटारे के बदले मांगी थी मोटी रकम। पढ़ें पूरी खबर।
Nagpur Collector Office Bribery Case
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Published on
Updated on

Nagpur Collector Office Bribery Case: महाराष्ट्र के नागपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जिला कलेक्टर कार्यालय में कार्यरत एक बड़े अधिकारी को भारी भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेश साधूरावजी बर्वे (54) के रूप में हुई है, जो नागपुर जिला कलेक्टर कार्यालय में राजस्व सहायक (Revenue Assistant) के पद पर तैनात है। शिकायतकर्ता का शिवाजीनगर, महाल क्षेत्र के एक नजूल प्लॉट पर निर्माण कार्य से संबंधित मामला अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय में अपील के लिए लंबित था। इस अपील को पक्ष में निपटाने और काम को आगे बढ़ाने के एवज में बर्वे ने 5 लाख रुपये की मांग की थी।

ACB का जाल और गिरफ्तारी

शिकायतकर्ता द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मामला दर्ज कराने के बाद, विभाग ने 17 और 20 अप्रैल को गुप्त पड़ताल की। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद, शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे नंदनवन इलाके में जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपी नरेश बर्वे ने शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की नकदी स्वीकार की, वैसे ही पास में तैनात ACB की टीम ने उसे दबोच लिया।

बनावट नोटों का हुआ इस्तेमाल

हैरानी की बात यह है कि इस कार्रवाई के दौरान जब्त की गई राशि में कुछ बनावट (Dummy) नोटों का भी उपयोग किया गया था, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ नंदनवन पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

पुलिस निरीक्षक विवेक पडघान के नेतृत्व में आगे की जांच जारी है। प्रशासन अब इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि क्या इस रिश्वतखोरी के पीछे कोई और बड़ा चेहरा या सिंडिकेट शामिल है। ACB ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com