Thane Bhiwandi Illegal Sand Mining Raid: अवैध रूप से रेत खनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ ठाणे जिला प्रशासन ने शिकंजा कसा है। जिलाधिकारी डॉ.श्रीकृष्ण पांचाल एवं अपर जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल के नेतृत्व में राजस्व,
पुलिस, खनन विभाग व महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड की संयुक्त टीम ने सोमवार-मंगलवार की रात भिवंडी के दिवे-केवणी (दिवे बंदर) खाड़ी क्षेत्र में अभियान चला कर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेती उत्खनन के पूरे तंत्र को ध्वस्त कर दिया है।
अंधेरे का फायदा उठाकर खाड़ी के बीच चल रहे अवैध खनन पर तड़के पौने तीन बजे मारे गए इस छापे में प्रशासन ने करीब 3.60 करोड़ रुपये मूल्य के 10 अवैध बार्ज और 16 हाई-पावर सक्शन पंप जब्त कर उन्हें मौके पर ही नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
आधी रात में ठाणे जिला खनन अधिकारी विवेक घुले एवं भिवंडी के एसडीएम अमित सानप के नेतृत्व में सतर्कता दल के ठाणे तहसीलदार उमेश पाटिल, भिवंडी तहसीलदार अभिजीत खोले और अन्य अधिकारियों की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर खाड़ी के भीतर चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन पर अधिकारियों के अचानक छापे से वहां मौजूद मजदूरों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई से बचने के लिए मजदूरों ने बार्ज और सक्शन पंपों के वाल्व खोलकर उन्हें पानी में डुबोने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, भागने की जल्दी में उन्होंने बार्ज की मदद से खाड़ी क्षेत्र के प्राकृतिक मैंग्रोव को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
टीम को देखते ही अधिकांश मजदूर खाड़ी के गहरे पानी में कूदकर भाग निकले। लेकिन अधिकारियों की सतर्कता से 19 वर्षीय तोहीब रमजान नामक मजदूर को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। जो मूल रूप से झारखंड के साहिबगंज का निवासी बताया गया है।
उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस हिरासत में सौंप दिया गया है। जब्त किए गए सभी 10 बार्ज 'महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड' के पास पंजीकृत नहीं थे और पूरी तरह से अवैध पाए गए हैं।
माफियाओं द्वारा पानी में डुबोए गए इन भारी बार्ज को बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने भाटा का इंतजार किया। भाटा आने के बाद अधिकारी खुद खाड़ी में उतरे और बार्ज के वाल्व बंद करके उन्हें फिर से तैरने की स्थिति में लाए।
नावों की मदद से इन सभी बार्ज और सक्शन पंपों को कलवा के गणेश घाट और मुंब्रा ले जाकर पूरी तरह स्क्रैप (नष्ट) करने की कार्रवाई की जा रही है।जब्त किए गए इस पूरे सामान का प्रत्यक्ष प्रभार खारबाव के मंडल अधिकारी सुधाकर कामडी को सौंपा गया है।
पर्यावरण को हुए भारी नुकसान और अवैध रेत खनन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और राजस्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भिवंडी और मुंब्रा पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। ठाणे जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और अपर जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस विशेष अभियान में उपविभागीय अधिकारी (भिवंडी) अमित सानप, उपविभागीय अधिकारी (ठाणे) उर्मिला पाटिल, तहसीलदार (भिवंडी) अभिजीत खोले, तहसीलदार (ठाणे) उमेश पाटिल, जिला खनन अधिकारी विवेक घुले, मंडल अधिकारी सुधाकर कामडी, वंजारी, गणेश विशे और तलाठी सूर्यकांत पाटिल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
साथ ही इस साहसिक अभियान में सतर्कता दल क्र. 1 व 2 के सहायक राजस्व अधिकारी संजय बालाराम जाधव, राजस्व सहायक दिनेश बोरहाडे, दर्शन नटे, अनिल राजपुरे, पुलिस जवान संदीप शिसोदे और मारुति यमगार ने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात एक कर अभियान को सफल बनाया।
जिलाधिकारी डॉ श्रीकृष्ण पांचाल ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध खनन के खिलाफ ऐसी ही 'जीरो टॉलरेंस' कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की निडर कार्रवाई से ठाणे जिले के रेत माफियाओं में खलबली मची हुई है।