प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bhiwandi Bribery Case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ भिवंडी तालुका की अंबाडी ग्राम पंचायत के एक निर्वाचित सदस्य को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बिल्डर से कथित तौर पर 1.7 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी की पहचान स्वप्निल सीताराम पाटिल (35) के रूप में हुई है।
शिकायतकर्ता बिल्डर ने ठाणे क्षेत्र में सभी कानूनी अनुमतियां प्राप्त करने के बाद एक तीन मंजिला इमारत का निर्माण किया था। निर्माण पूरा होने के बाद, बिल्डर ने अक्टूबर 2025 में ग्राम पंचायत में संपत्ति कर (Property Tax) और जल कर (Water Tax) के मूल्यांकन और निर्धारण के लिए आवेदन किया। सरकारी नियमों के अनुसार यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यहीं से आरोपी ने वसूली का खेल शुरू किया।
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत की मासिक बैठक के दौरान आरोपी स्वप्निल पाटिल और कुछ अन्य सदस्यों ने कर लगाने पर जानबूझकर आपत्ति जताई। इतना ही नहीं, बिल्डर पर दबाव बनाने के लिए आरोपी ने स्थानीय तहसीलदार को पत्र लिखकर यह झूठा दावा किया कि उक्त इमारत अवैध है।
दिसंबर 2025 में, पाटिल ने बिल्डर को डराने के उद्देश्य से उस शिकायत की कॉपी व्हाट्सएप पर भेजी। इसके बाद शुरू हुआ सौदेबाजी का दौर। आरोपी ने बिल्डर से वादा किया कि यदि वह 1.7 लाख रुपये देता है, तो वह टैक्स असेसमेंट की प्रक्रिया को आसान बना देगा और तहसीलदार के पास दर्ज की गई शिकायत भी वापस ले लेगा।
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बिल्डर ने आरोपी की मांगों के आगे झुकने के बजाय ठाणे एसीबी से संपर्क किया। एसीबी ने शिकायत की पुष्टि की और बुधवार को जाल बिछाया। जैसे ही स्वप्निल पाटिल ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, सतर्क अधिकारियों ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
ठाणे एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक अनिल जयकर ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ गणेशपुरी पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस अब इस मामले में अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है।