सरिता खांच चांदनी आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा, उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता का आया नाम

Sarita Khanchandani Suicide Case: उल्हासनगर की सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता सरिता खानचंदानी ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की। सुसाइड नोट में 5 लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
Sarita Khanchandani Suicide Case
सरिता खांच चांदनी
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Ulhasnagar News: पर्यावरण संरक्षण और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पिछले दस वर्षों से संघर्षरत हीराली फाउंडेशन की प्रमुख अधिवक्ता सरिता खानचंदानी (51) ने 28 अगस्त को उल्हासनगर-4 स्थित रोमा अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद, उनके पति एडवोकेट पुरुषोत्तम खानचंदानी ने पुलिस स्टेशन में बयान दर्ज कराते हुए पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर स्थानीय विठ्ठलवाडी पुलिस ने शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे समूह के जिला अध्यक्ष धनंजय बोडारे सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद हड़कंप मच गया।

मृतक सरिता के पति अधिवक्ता पुरुषोत्तम खानचंदानी ने उल्हासनगर के विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि सरिता खानचंदानी को उनकी परिचित जिया गोपालानी और अन्य लोगों द्वारा बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आत्महत्या से पहले सरिता ने अपने केबिन में लिखे एक पत्र में जिया गोपालानी, उल्हास फाल्के, शिवानी शुक्ला फाल्के, राज चांदवानी और धनंजय बोडारे को अपनी मौत के लिए ज़िम्मेदार बताया था।

27 अगस्त की रात को हुआ था झगड़ा

सरिता खानचंदानी का 27 अगस्त की रात को झगड़ा हुआ था। अगले दिन इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद, 28 अगस्त की सुबह उन्होंने विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन जाकर अपना बयान देने की इच्छा जताई थी। लेकिन उसी दिन दोपहर में उन्होंने इमारत से छलांग लगा दी, ऐसा उनके पति पुरुषोत्तम खानचंदानी ने बताया। सरिता खानचंदानी अपने कानूनी पेशे के अलावा एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी पूरे जिले में जानी जाती थीं। उनकी मौत से उल्हासनगर में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। पुरुषोत्तम खानचंदानी की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

आत्महत्या से पहले लिखे नोट से हुआ खुलासा

27 अगस्त की आधी रात को उल्हासनगर शहर में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए। इनमें सरिता खानचंदानी, जिया गोपलानी से बहस करती नज़र आईं। इसके बाद अगली सुबह सरिता खानचंदानी विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन गईं। वहां से लौटने के बाद उन्होंने जिस बिल्डिंग में वह रहती थीं, उस इमारत की टेरेस से छलांग लगाकर दिनदहाड़े आत्महत्या कर ली थी। उनके पति वकील पुरुषोत्तम खानचंदानी द्वारा घर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद उन्हें पता चला कि सरिता कार्यालय में बैठकर कुछ लिख रही थीं। इसके बाद, जब उन्होंने कार्यालय में जाकर डायरी देखी तो पता चला कि सरिता खानचंदानी ने आत्महत्या से पहले एक नोट लिखा था।

सुसाइड नोट में सरिता ने लिखा था "मैं बेगुनाह हूं"

सरिता खानचंदानी द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में लिखा था "राज चंदवानी मेरी मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं। मैंने कोई ग़लत काम नहीं किया है। मैंने कोई पैसा नहीं लिया है। मैंने जिया गोपलानी के साथ अन्याय नहीं किया है। मैंने किसी भी मंडल या नेता से एक भी रुपया नहीं लिया है। जिया गोपलानी और उल्हास फाल्के मुझे झूठा फंसा रहे हैं और मुझे मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर रहे हैं कि मैं अपनी जान दे दूं।"

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