

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे बृहस्पतिवार को 2008 के दंगा मामले में ठाणे जिले की एक अदालत में पेश हुए और खुद को निर्दोष बताया। उनके वकील ने यह जानकारी दी। जब मनसे अध्यक्ष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए वी कुलकर्णी के सामने पेश हुए तो बड़ी संख्या में उनके समर्थक बाहर जमा हो गए।
अदालत ने 19 अक्टूबर, 2008 को उम्मीदवारों तथा पुलिसकर्मियों पर हमले तथा दंगे की घटना के सिलसिले में राज ठाकरे और उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप तय किए हैं। जब मजिस्ट्रेट ने ठाकरे से पूछा कि क्या वह आरोपों को स्वीकार करते हैं, तो उन्होंने आरोप स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनके वकील राजेंद्र शिरोडकर ने बताया कि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है।
उन्होंने कहा कि मनसे प्रमुख निर्देश मिलते ही अदालती कार्यवाही में उपस्थित रहेंगे। ठाकरे के सुनवाई के लिए पहुंचने पर अदालत परिसर में भारी भीड़ जमा हो गयी और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। मनसे प्रमुख और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर 2008 में बिहार और उत्तर प्रदेश से रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने आए उम्मीदवारों को निशाना बनाने का आरोप लगा था।
ठाकरे और मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कुल 54 मामले दर्ज किए गए थे। उस समय ठाकरे को एक लाख रुपये के मुचलके पर रिहा कर दिया गया था। बंबई उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ठाकरे ने जून 2009 में अपनी अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि उनकी हिरासत में पूछताछ अनावश्यक थी, लेकिन सरकार के इस तर्क को स्वीकार किया कि निचली अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत निरर्थक हो गई थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)