

Sanjay Raut Naresh Mhaske Supreme Court: शिवसेना के नाम और 'धनुष-बाण' चुनाव चिन्ह को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत में जारी नियमित सुनवाई के बीच दिल्ली में बड़ा सियासी हाई-ड्रामा देखने को मिला।
सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के सांसद संजय राउत और एकनाथ शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच कैमरे के सामने ही तीखी बहस शुरू हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंगलवार को कोर्ट की सुनवाई समाप्त होने के बाद जब दोनों गुटों के नेता बाहर निकले, तो संजय राउत मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान पास ही खड़े शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के को देखकर संजय राउत ने उन्हें आमने-सामने चर्चा (Debate) करने के लिए चुनौती दे दी।
जब म्हस्के ने डिबेट में शामिल होने से इनकार कर दिया और आगे बढ़ने लगे, तो राउत ने अपने पास खड़े वरिष्ठ नेता अनिल देसाई से कहा, "उसे लाओ।" अनिल देसाई म्हस्के की ओर बढ़े, लेकिन म्हस्के वहां से चले गए। इस पर संजय राउत ने मीडिया कैमरों की तरफ देखकर चुटकी लेते हुए कहा, "अरे आओ, तुम्हें आना ही पड़ेगा!"
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति वी. मोहना और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ के समक्ष शिवसेना चिन्ह मामले में दैनिक सुनवाई चल रही है। उद्धव ठाकरे समूह की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल लगातार चुनाव आयोग के 2023 के उस फैसले की वैधानिकता पर सवाल उठा रहे हैं, जिसमें शिंदे गुट को असली शिवसेना मानते हुए तीर-कमान चिन्ह दिया गया था। सिब्बल ने पीठ के सामने तर्क दिया है कि केवल 'विधायक दल' में बहुमत होने से कोई गुट 'मूल राजनीतिक दल' नहीं बन जाता।
सिब्बल की इन प्रभावी दलीलों से उत्साहित ठाकरे गुट के नेता दिल्ली में आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। दूसरी तरफ, शिंदे गुट का दावा है कि चुनाव आयोग ने नियमों के तहत ही लोकतांत्रिक बहुमत के आधार पर फैसला सुनाया था। अब देखना यह होगा कि पिछले ढाई सालों से लंबित पड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला किस दिशा में आता है।