आरपीआई (आठवले) की बैठक में पूर्व विधायक पप्पू कालानी की मौजूदगी से सियासी चर्चा तेज

RPI Athawale Meeting: उल्हासनगर में आरपीआई (आठवले) की बैठक में पप्पू कालानी की मौजूदगी से सियासी चर्चाएं तेज, कालानी ने शिवसेना के साथ बने रहने की बात कही।
महाराष्ट्र राजनीतिक चर्चा ,Pappu Kalani RPI
Ulhasnagar politics (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Ulhasnagar Politics News: रविवार को उल्हासनगर में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में कुछ लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की और पत्रकार वार्ता भी हुई। इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारियों के साथ पूर्व विधायक पप्पू कालानी की उपस्थिति ने शहर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी।

कार्यक्रम में आरपीआई के जिला अध्यक्ष द्वारा कालानी को पार्टी का अधिकृत मफलर पहनाए जाने और उनके द्वारा मफलर पहनकर मंच पर बैठे रहने से कयासों का दौर शुरू हो गया कि क्या पप्पू कालानी फिर से आरपीआई की ओर रुख कर रहे हैं।

कालानी का खुलासा-आरपीआई से पुराने संबंध

इस संबंध में जब पत्रकारों ने पप्पू कालानी से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने उन्हें शहर का विधायक बनाया था और पार्टी के नेताओं से उनके पुराने व अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरपीआई के प्रति उनकी सहानुभूति जरूर रही है, लेकिन उनका परिवार शिवसेना से जुड़ा है और वे स्वयं भी उसी के साथ हैं। उन्होंने आरपीआई में शामिल होने की अटकलों का खंडन किया।

लेकिन परिवार शिंदे शिवसेना के साथ

उल्हासनगर की राजनीति में कालानी परिवार का लंबे समय से प्रभाव रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान कालानी परिवार के ओमी कालानी ने गठबंधन सहयोग के तहत शिवसेना उम्मीदवार डॉ. श्रीकांत शिंदे के समर्थन में खुलकर काम किया था। इससे कालानी परिवार की नजदीकियां उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बढ़ी थीं।

इसी संबंध के चलते मनपा चुनाव में भी ओमी कालानी के नेतृत्व वाले स्थानीय संगठन टीओके ने शिंदे शिवसेना के साथ मिलकर उसी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा, जिसका लाभ भी संगठन को मिला। कालानी परिवार के करीबी कमलेश निकम की पत्नी अश्विनी निकम महापौर बनने में सफल रहीं।

Navbharat Live
navbharatlive.com