मीरा भयंदर में 90 दिन में 9.09 लाख टन कचरा हटाओ ! NGT ने दिया था आदेश, MBMC मांग रही अतिरिक्त समय

Mira Bhaindar Waste Management: उत्तन डंपिंग ग्राउंड से 9 लाख मीट्रिक टन कचरा 3 महीने में हटाने के NGT के आदेश पर MBMC पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। मनपा ने 90 दिन की समयसीमा को अव्यावहारिक बताया है।
Clear 9.09 lakh tonnes of waste in 90 days! The NGT had issued the order
कचरा, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
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Mira Bhaindar Municipal Corporation: भाईंदर पश्चिम के उत्तन-पाली डंपिंग ग्राउंड में वर्ष 2009 से जमा करीब 9.09 लाख मीट्रिक टन कचरे को जैव-खनन से 3 महीने में हटाने के एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश ने मीरा-भाईंदर मनपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मनपा ने 90 दिन की समयसीमा को अव्यावहारिक बताते हुए पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है।

आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने बताया कि मानसून के दौरान जैव-खनन का काम रोकना पड़ा था। अब मानसून समाप्त होने के बाद सरकार के निर्देश मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। कचरा निपटान की गति बढ़ाने के लिए मनपा ने तीन निजी कंपनियों को काम सौंपा है।

आग, जहरीले धुएं और दुर्गंध से नागरिक परेशान

  • एनजीटी ने मनपा को संबंधित स्थल से पुराना कचरा हटाने के लिए 3 महीने की समयसीमा दी थी।

  • साथ ही महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) को निर्देश दिया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत निर्धारित अवधि में पुराने कचरे का निपटारा नहीं होने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की गणना कर मनपा से वसूली जाए।

  • उत्तन, डोंगरी और धावगी के नागरिक लंबे समय से डंपिंग ग्राउंड में लगने वाली आग, जहरीले धुएं और दुर्गंध से परेशान है।

  • नागरिक अधिकार संघर्ष समिति समेत कई स्थानीय संगठन वर्षों से डंपिंग ग्राउंड को स्थानांतरित करने, जमा कचरे का निपटान करने के लिए आंदोलन कर रहे है

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2017 के आदेश भी अधूरे

उत्तन डंपिंग ग्राउंड मामले में एनजीटी ने 2017 में भी मनपा को फटकार लगाते हुए ठोस कचरा प्रसंस्करण परियोजना शुरू करने, 20 करोड़ रुपए एस्क्रो खाते में जमा करने और अक्टूबर 2017 तक परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए थे।

समय पर कार्रवाई नहीं होने पर नए निर्माणों के ओसी और सीसी पर रोक की चेतावनी भी दी गई थी। करीब नौ साल बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अब एनजीटी के 90 दिन के आदेश और जमीन पर मौजूद विशाल कचरे के ढेर के बीच मनपा ने अतिरिक्त समय के लिए न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है।

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समयसीमा बढ़ाने के लिए न्यायाधिकरण का रुख

एनजीटी के ताजा आदेश के बाद मनपा के सामने निर्धारित समय में कचरे का निपटान करने की चुनौती है। मीरा भयंदर मनपा का कहना है कि मानसून के कारण काम प्रभावित हुआ और 90 दिनों में पूरी प्रक्रिया संपन्न करना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए प्रशासन समयसीमा पर पुनर्विचार की मांग करेगा।

अब आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि एनजीटी मनपा की याचिका पर क्या निर्णय लेता है और जैव-खनन का काम कितनी तेजी से आगे बढ़ता है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि पुराने कचरे के निपटान से आग, धुएं और दुर्गंध की समस्या में राहत मिलेगी।

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