विधायक संजय केलकर ने एकनाथ शिंदे पर साधा निशाना, रिमोट कंट्रोल पर चल रही है ठाणे मनपा

Thane news: विधायक संजय केलकर ने ठाणे मनपा पर निशाना साधते हुए कहा कि गडकरी रंगायतन का नवीनीकरण और संचालन रिमोट कंट्रोल से हो रहा है और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी नजरअंदाज की गई।
विधायक संजय केलकर, डीसीएम एकनाथ शिंदे (pic credit; social media)
विधायक संजय केलकर, डीसीएम एकनाथ शिंदे (pic credit; social media)
Published on
Updated on

Maharashtra News: ठाणे शहर में आगामी मनपा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भाजपा विधायक संजय केलकर ने राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए ठाणे मनपा को रिमोट कंट्रोल पर चलने वाला बताया। केलकर का यह हमला गडकरी रंगायतन के हाल ही में नूतनीकरण और उसके उद्घाटन को लेकर किया गया।

राम गणेश गडकरी रंगायतन का निर्माण 1978 में हुआ था और इसका उद्घाटन शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने किया था। पहली बड़ी मरम्मत 1998 में हुई थी। अब 27 साल बाद रंगायतन का नवीनीकरण किया गया और इसका उद्घाटन 15 अगस्त को राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। उद्घाटन के समय शिला पट्ट को एक कोने में रखा गया, जिस पर सभी प्रमुख लोगों के नाम अंकित हैं। इसको लेकर पहले शिवसेना (यूबीटी) और फिर राकांपा के महासचिव आनंद परांजपे ने नाराजगी जताई थी।

मनपा के निर्णय रिमोट कंट्रोल

विधायक केलकर ने कहा कि गडकरी रंगायतन का जीर्णोद्धार और उद्घाटन कई महीनों से चल रहा था। उन्होंने कहा कि कलाकारों, निर्देशकों और प्रायोजकों के सुझावों को नजरअंदाज किया गया और मनपा के निर्णय रिमोट कंट्रोल के तहत लिए गए। केलकर ने ठाणे को एक सांस्कृतिक शहर बताते हुए कहा कि यहां बड़ी संख्या में कलाकार रहते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, इसलिए रिहर्सल के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण हॉल की आवश्यकता है। वर्तमान में केवल एक हॉल है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है।

स्थानीय कलाकारों की भागीदारी नजरअंदाज

विधायक ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पिछले 40 वर्षों में उन्होंने 150 से अधिक पेशेवर थिएटरों में कार्य किया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद पर आधारित नाटक ‘संन्यास ज्वालामुखी’ के 40 दिनों में 11 प्रयोग किए, जो विश्व स्तर पर रिकॉर्ड बन गया। इस दौरान स्थानीय जनता की सराहना मिली और रात के 2.30 बजे तक दर्शक उपस्थित रहे।

केलकर ने निष्कर्ष निकाला कि गडकरी रंगायतन के नवीनीकरण में पारदर्शिता और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की गई, और इसे राजनीतिक दखल के बिना संचालित किया जाना चाहिए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com