मीरा रोड में वरिष्ठ नागरिक केंद्र के लिए 23 पेड़ों की कटाई पर विवाद, मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल
Mumbai Civic Hearing Cancelled Protest: मीरा रोड में पेड़ों की कटाई के विरोध में पहुंचे नागरिकों को बिना सुनवाई लौटाया गया, जिससे मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मीरा भाईंदर मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mira Road Tree Cutting Controversy: मनपा क्षेत्र में मीरा रोड (पूर्व) स्थित वसोंवा गांव में प्रस्तावित “वरिष्ठ नागरिक मनोरंजन केंद्र” के निर्माण के लिए 23 पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर सोमवार को मनपा मुख्यालय में उस समय हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जब सुनवाई के लिए बुलाए गए करीब 300 लोगों को बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा।
दरअसल, मीरा भाईंदर मनपा के उद्यान विभाग की उपायुक्त कविता बोरकर ने आपत्ति दर्ज कराने वाले नागरिकों को शाम 4 बजे सुनवाई के लिए नोटिस भेजकर बुलाया था, लेकिन तय समय पर जब लोग मुख्यालय पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उपायुक्त आज अनुपस्थित हैं। चौंकाने वाली बात यह रही कि उनकी अनुपस्थिति की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।
विकास और पर्यावरण में संतुलन पर छिड़ी बहस
मामले को लेकर लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। इतना ही नहीं, जारी नोटिस में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियों का अभाव था। नोटिस में केवल वर्सोवा गांव का उल्लेख किया गया था, जबकि जिस जमीन पर पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है, उसके सर्वे नंबर का कोई जिक्र नहीं किया गया।
सम्बंधित ख़बरें
Maharashtra TET Exam 2026: महाराष्ट्र TET परीक्षा स्थगित, पेपर लीक की आशंका के बाद शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
बारिश में नहीं थमेगी मुंबई लोकल की रफ्तार, मध्य रेलवे ने मानसून के लिए किए व्यापक इंतजाम
ठाणे में जल संकट पर विधान परिषद में गूंजा मुद्दा, बढ़ती आबादी के बीच दो नए बांध बनाने की तैयारी
ठाणे टीडीआर विवाद गरमाया, आव्हाड बोले- 2,800 करोड़ नहीं, 4,000 करोड़ की जमीन का मामला
उल्लेखनीय है कि 26 फरवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार, सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस परियोजना के लिए कार्यादेश पहले ही जारी कर दिया है। निर्माण कार्य में बाधा बन रहे 23 पेड़ों को जड़ों सहित हटाने की बात कही गई है, जिनमें कई पेड़ लगभग 48 वर्ष पुराने हैं।
ये भी पढ़ें :- मालाड मारपीट मामले में संजय निरुपम के अल्टीमेटम के बाद कार्रवाई तेज, 7 आरोपी गिरफ्तार, 4 अब भी फरार
इस निर्णय के खिलाफ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। वहीं, एड। कृष्णा गुप्ता के अनुसार, अतिरिक्त आयुक्त ने फिलहाल पेड़ों की कटाई पर मौखिक स्थगन आदेश दे दिया है। पूरे घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन को लेकर भी एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
