

Mira Road Metro Accident: मेट्रो लाइन-9 के निर्माण कार्य के दौरान सोमवार को पत्थर गिरने की घटना से हड़कंप मच गया। घटना के बाद सड़क से गुजर रहे वाहन के टायर पंचर हो गए। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के तुरंत बाद एमएमआरडीए ने स्पष्टीकरण दिया कि ग्रेनाइट का पत्थर किसी स्कूल वैन या बस पर नहीं गिरा और वाहन में कोई छात्र भी सवार नहीं था। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 11:50 बजे मेड़तिया नगर मेट्रो स्टेशन के पास मलबा हटाने और सामान शिफ्ट करने का काम चल रहा था। इसी दौरान क्रेन से संभाली जा रही सामान की टोकरी पास के फुट ओवर ब्रिज के क्षेत्र में रखे ग्रेनाइट पत्थरों के संपर्क में आ गई। इससे कुछ पत्थर एफओबी लेवल से नीचे बैरिकेड वाले निर्माण क्षेत्र में गिर गए। इसके बाद वहां से गुजर रहे एक स्कूल बस के पहिए कुछ बिखरे पत्थरों पर चढ़ गए, जिससे उसके टायर पंचर हो गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे। मीरा रोड की मुख्य सड़क पर भारी यातायात और मेट्रो निर्माण कार्य साथ-साथ चल रहा है। ऐसे में निर्माण सामग्री या मलबा सड़क की ओर न पहुंचे, इसके लिए सुरक्षा जाल, सुरक्षात्मक कवर और बैरिकेडिंग जैसे उपायों को लेकर नागरिकों ने सख्ती की मांग की है।
घटना को एमएमआरडीए ने गंभीर सुरक्षा चूक माना है और स्पष्ट किया कि पूर्व में इस प्रकार की घटना के बाद संबंधित एजेंसियों पर कुल ₹12.5 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इसमें जे। कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर 10 करोड़ रूपये, गजानन पर 1।5 करोड़ रुपए और सिस्ट्रा जनरल कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना शामिल है। एमएमआरडीए ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं।
इस घटना के विरोध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने मीरा रोड स्थित एमएमआरडीए कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित एमएमआरडीए अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस सुरक्षा उपाय करने की मांग की। प्रदर्शन में हेमंत सावंत, रॉबर्ट डिसूजा, अभिनंद चव्हाण, रमाकांत माली, विजय भगत, विलास शैल, विश्वजीत विश्वकर्मा, गौरव शिंदे, अनुदीप पोटले और मंदार पाटिल सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।