Thane News: घोड़बंदर में गणपति विसर्जन के बाद मूर्तियां खाड़ी में फेंकने का आरोप, एफआईआर की मांग

Ganpati Visarjan Controversy: मीरा रोड के घोड़बंदर गांव स्थित कृत्रिम तालाब से विसर्जित गणपति प्रतिमाओं को खाड़ी में फेंकने पर विवाद खड़ा हो गया है।
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गणपति विसर्जन विवाद (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mira Bhayander Municipal Corporation: घोड़बंदर गांव के रेतीबंदर स्थित कृत्रिम विसर्जन तालाब में विसर्जित गणपति प्रतिमाओं को कथित तौर पर खाड़ी में फेंकने का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। एड. कृष्णा गुप्ता ने इस मामले में मीरा- भाईंदर पुलिस आयुक्तालय के पुलिस उपायुक्त जोन-1, काशीगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक और मीरा- भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में 18 सितंबर को दोपहर करीब 1.52 बजे मनपा की वर्दी पहने दो व्यक्ति कृत्रिम विसर्जन तालाब में विसर्जित भगवान गणेश की कई प्रतिमाओं को खाड़ी की ओर फेंकते दिखाई दे रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस तरह प्रतिमाओं को फेंकने से उनकी और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

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प्रतिमाओं के निस्तारण की आधिकारिक प्रक्रिया पर सवाल

गुप्ता ने शिकायत में कहा है कि प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से मनपा ने करोड़ों रुपए की लागत से कृत्रिम विसर्जन तालाब बनाया और नागरिकों से इसमें गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की। ऐसे में विसर्जित प्रतिमाओं को दोबारा नाले या खाड़ी में फेंके जाने की स्थिति में कृत्रिम तालाब के निर्माण के उद्देश्य, खर्च और प्रतिमाओं के निस्तारण की आधिकारिक प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।

निर्देशों के पालन की भी जांच की मांग

उन्होंने पुलिस से वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने, उनकी भूमिका और ड्यूटी की जांच करने तथा यदि वे मनपा कर्मचारी हैं तो यह पता लगाने की मांग की है कि उन्हें किसके आदेश पर प्रतिमाओं को तालाब से निकालने या नाले में डालने का निर्देश दिया गया था। शिकायत में पर्यावरण संबंधी नियमों और न्यायालय के निर्देशों के पालन की भी जांच की मांग की।

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