

New Golden nest Fire Incident: महाराष्ट्र के मीरा-भायंदर शहर के न्यू गोल्डन नेस्ट इलाके में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक हार्डवेयर की दुकान में भीषण आग लग गई। घटना जगन्नाथ हार्डवेयर नामक दुकान की है, जहाँ रात करीब 10:30 बजे स्थानीय लोगों ने भारी धुआं निकलते देखा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी सूचना तुरंत दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस को दी गई। रिहायशी इलाके के पास आग लगने के कारण स्थानीय निवासियों में डर का माहौल व्याप्त हो गया था, हालांकि दमकल कर्मियों ने समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू कर दिया।
राहत की बात यह रही कि घटना के समय दुकान बंद हो चुकी थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया था। स्थानीय पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी ताकि दमकल कर्मियों के कार्य में कोई बाधा न आए और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्थानीय पार्षद महेश म्हात्रे ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद बताया कि प्रारंभिक दृष्टि में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने दुकान मालिक से बात की, तो मालिक ने स्वीकार किया कि दुकान बढ़ाते समय उसे बिजली का एक स्पार्क (चिंगारी) दिखाई दिया था। हालांकि, उस समय वह यह सुनिश्चित नहीं कर सका कि स्पार्क उसकी अपनी दुकान में हुआ है या बगल वाली दुकान में। उसने दुकान बंद की और घर के लिए निकल गया, जिसके करीब आधे घंटे बाद आग भड़क उठी।
जैसे ही आग की सूचना फायर कंट्रोल रूम को मिली, दमकल की कई गाड़ियां न्यू गोल्डन नेस्ट इलाके की ओर रवाना कर दी गईं। संकरी गलियों और रात का समय होने के बावजूद दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई और आग को पड़ोसी दुकानों और इमारतों में फैलने से रोक लिया। दुकान के भीतर हार्डवेयर का सामान, पेंट और प्लास्टिक की वस्तुएं होने के कारण आग तेजी से फैली थी। वर्तमान में दमकल विभाग आग लगने के सटीक कारणों की तकनीकी जांच कर रहा है और दुकान मालिक द्वारा हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस घटना ने मीरा-भायंदर के व्यापारिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के पालन पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों की वायरिंग की नियमित जांच कराएं और रात में प्रतिष्ठान बंद करते समय मेन स्विच बंद करना न भूलें। पार्षद महेश म्हात्रे ने यह भी कहा कि सौभाग्य से आग रिहायशी मंजिल तक नहीं पहुँची, अन्यथा यह एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी। पुलिस अब इस मामले में लापरवाही की भी जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।