कोलाबा वॉकिंग प्लाजा: दक्षिण मुंबई में तैयार हुआ 'इंटरनेशनल स्टैंडर्ड' मार्ग, अब कोलाबा में मिलेगा यूरोप जैसा

Colaba Walking Plaza Mumbai: मुंबई के कोलाबा में बीएमसी ने ₹5 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का वॉकिंग प्लाजा तैयार किया है। थ्री-डी पेंटिंग और स्टैम्प कंक्रीट मार्ग की है विशेषता।
Colaba Walking Plaza Mumbai
Colaba Walking Plaza Mumbai (फोटो क्रेडिट-X)
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Walking Plaza  South Mumbai: मुंबई यानी कभी न रुकने वाला शहर, लेकिन इसी भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अब सुकून से सैर करने के लिए एक खास जगह तैयार हो रही है। दक्षिण मुंबई की ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन के महत्व को आधुनिकता से जोड़ते हुए, मुंबई महानगरपालिका (BMC) कोलाबा क्षेत्र में एक शानदार 'वॉकिंग प्लाजा' का निर्माण कर रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। पिछले दो वर्षों की मेहनत के बाद अब यह सपना हकीकत बनने के अंतिम चरण में है, जिससे कोलाबा की सड़कों पर चलना किसी यूरोपीय शहर की सैर जैसा महसूस होगा।

लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह वॉकिंग प्लाजा कैप्टन प्रकाश पेठे मार्ग पर दीपक जोग चौक से लेकर बधवार पार्क तक फैला हुआ है। यह केवल एक सड़क सौंदर्यीकरण परियोजना नहीं है, बल्कि मुंबई के 'अर्बन लैंडस्केपिंग' में एक क्रांतिकारी बदलाव है। पर्यटन विभाग और जिला योजना विकास समिति के आर्थिक सहयोग से बना यह मार्ग पैदल चलने वालों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देता है। इस परियोजना के माध्यम से दक्षिण मुंबई के पर्यटन मानचित्र पर कोलाबा का नाम और भी प्रमुखता से चमकने वाला है।

स्टैम्प कंक्रीट और थ्री-डी पेंटिंग का अद्भुत संगम

इस वॉकिंग प्लाजा की सबसे बड़ी विशेषता यहां इस्तेमाल की गई 'स्टैम्प कंक्रीट' तकनीक है, जिसने फुटपाथों को न केवल मजबूती दी है बल्कि उन्हें बेहद आकर्षक लुक भी प्रदान किया है। सैर के दौरान लोगों को रेल्वे कॉलोनी की दीवारों पर की गई शानदार थ्री-डी पेंटिंग और कलाकृतियां देखने को मिलेंगी, जो इस पूरे मार्ग का मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही, मार्ग के किनारे लगाए गए सजावटी पौधे और आधुनिक लाइटिंग इस क्षेत्र को एक प्राकृतिक उद्यान जैसा अनुभव प्रदान करेंगे। अतिक्रमण हटाकर इस मार्ग को अब पूरी तरह 'खुला' कर दिया गया है।

बिना बैठने की व्यवस्था वाला अनोखा 'वॉकिंग' कॉन्सेप्ट

भविष्य की चुनौतियों और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए मुंबई महानगरपालिका ने इस प्लाजा में एक बेहद साहसी निर्णय लिया है। सामान्य उद्यानों के विपरीत, यहां बैठने के लिए बेंच या कुर्सियों की व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि इस जगह का दुरुपयोग बेघर लोगों द्वारा न किया जाए और यहां केवल पैदल चलने वालों को बढ़ावा मिले। 'केवल चलें और सुंदरता का आनंद लें' के सूत्र पर आधारित यह प्लाजा फेरीवालों के अतिक्रमण से मुक्त रहे, इसके लिए एक विशेष टीम भी तैनात की जाएगी जो चौबीसों घंटे इस मार्ग की निगरानी करेगी।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा और मुंबई को मिलेगी नई पहचान

कोलाबा का यह वॉकिंग प्लाजा न केवल स्थानीय लोगों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि यह विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। जगह-जगह लगाए गए दिशा-सूचक बोर्ड और सूचना केंद्र पर्यटकों को दक्षिण मुंबई के समृद्ध इतिहास से रूबरू कराएंगे। बीएमसी अधिकारियों का मानना है कि यदि कोलाबा का यह प्रयोग सफल रहता है, तो मुंबई के अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी इसी तरह के अंतरराष्ट्रीय मानक वाले वॉकिंग प्लाजा विकसित किए जाएंगे। यह परियोजना साबित करती है कि मुंबई अब केवल अपनी रफ्तार के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सुंदरता के लिए भी जानी जाएगी।

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