

Mira Bhayandar Language Controversy: मीरा- भाईंदर ,वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के एक कार्यक्रम में मराठी में चल रहा मंच संचालन अचानक गुजराती भाषा में किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पदाधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि महाराष्ट्र में आयोजित सरकारी कार्यक्रमों में मराठी भाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ।
सोमवार को पुलिस आयुक्तल के जोन-1 के अंतर्गत लता मंगेशकर सभागार में ‘ऑपरेशन निर्मूलन’ पहल का अंतिम चरण आयोजित किया गया था। मादक पदार्थों के दुरुपयोग और साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, रंगोली और नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त संदीप डोइफोडे और राहुल चव्हाण सहित पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
कार्यक्रम में महापौर डिंपल मेहता भी उपस्थित थीं। इसी दौरान मराठी में हो रहा मंच संचालन अचानक गुजराती में शुरू हो गया। महापौर को भी गुजराती में मंच पर आने का अनुरोध किया गया। इसके बाद मनसे पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि महाराष्ट्र में आयोजित कार्यक्रम का संचालन अचानक गुजराती भाषा में नहीं किया जाना चाहिए।
भाषा को लेकर आपत्ति के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया था। स्थिति को देखते हुए महिला एंकर ने हस्तक्षेप कर कार्यक्रम को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया। वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि कार्यक्रम में हिंदी और अंग्रेजी का भी इस्तेमाल हो रहा है, तो केवल गुजराती भाषा पर ही आपत्ति क्यों जताई जा रही है। हालांकि मनसे पदाधिकारियों का कहना था कि महाराष्ट्र में आयोजित ऐसे कार्यक्रमों में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।