राज ठाकरे ने मनसे पदाधिकारियों को दिया अल्टीमेटम, बोलें- 'निष्क्रिय मत बैठो, तुरंत काम में जुट जाओ'

Raj Thackeray Warning: मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने पदाधिकारियों को सक्रिय होने का अल्टीमेटम दिया। 29 जून तक सभी बीएलए नियुक्त करने और लापरवाही पर पद से हटाने की चेतावनी दी।
Raj Thackeray Warning To MNS Workers Over Booth Level Agent Appointments
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Raj Thackeray Warning To MNS Workers: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने पार्टी पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि निष्क्रिय बैठे रहने का समय खत्म हो गया है और अब तुरंत काम में जुट जाएं। मुंबई में मनसे के विभागाध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें राज ठाकरे ने पार्टी के सुस्त कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई।

उन्होंने दो टूक कहा, 'एक ही बात बार-बार कितनी बार कहूं? वक्त बहुत कम है, अब सुस्त मत बैठो, पैरों में पहिया लगाकर घूमो और सबको काम पर लगाओ।' राज ठाकरे ने यह भी साफ किया कि अब पदाधिकारियों के काम की सीधी रिपोर्ट उनके पास आएगी और जिनका काम असंतोषजनक होगा, उन्हें पद से हटाया जाएगा।

बीएलए नियुक्ति में देरी पर नाराजगी

मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने संगठन की बैठक में एसआईआर (स्पेशल आइडेंटिफिकेशन रजिस्टर) प्रक्रिया और बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्ति की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए बूथ स्तर पर मजबूत संगठन तैयार करना बेहद जरूरी है।

वर्तमान में मुंबई शहर के लिए लगभग 3,000 और उपनगरों के लिए 8,000 बीएलए की आवश्यकता है, जबकि पार्टी के पास अभी केवल 997 बीएलए ही पंजीकृत हैं। राज ठाकरे ने इसे गंभीर कमी बताते हुए पदाधिकारियों को तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए और समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया।

29 जून की अंतिम मोहलत

राज ठाकरे ने मनसे पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि 29 जून तक मुंबई शहर और उपनगरों में सभी आवश्यक बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की नियुक्ति और उनका पंजीकरण हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए।

बैठक में उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा, 'यदि किसी पदाधिकारी को काम नहीं करने के कारण पद से हटाया गया, तो बाद में किसी भी सिफारिश या अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।'

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