Vishwaguru Udaan Pul (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Bottle Neck Bridge: मीरा-भाईंदर शहर के बहुचर्चित और अनोखी बनावट वाले बॉटल-आकृति (बॉटल-नेक) पुल को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपनी डिजाइन को लेकर पहले से ही चर्चा और आलोचना का केंद्र बना यह पुल अब नामकरण को लेकर सियासी बहस में घिर गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता दीपक बागरी ने पुल की संरचना पर व्यंग्य करते हुए इसे मीरा-भाईंदर का “8वां अजूबा” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पुल केवल यातायात को सुगम बनाने का साधन नहीं, बल्कि शहर की प्रगति और आधुनिक सोच का प्रतीक भी है। उनके अनुसार, इतनी विशिष्ट डिजाइन वाले पुल का नाम भी उसकी गरिमा और महत्व के अनुरूप होना चाहिए।
दीपक बागरी ने तंज कसते हुए सुझाव दिया कि पुल का नाम “विश्वगुरु उड़ान पुल” रखा जाए। उनका कहना है कि यह नाम भारत की वैश्विक नेतृत्व की भावना और विकासोन्मुख दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह ढांचा केवल कंक्रीट और लोहे का निर्माण नहीं, बल्कि मीरा-भाईंदर की बदलती तस्वीर, बेहतर कनेक्टिविटी और विकास का प्रतीक है। इसलिए इसका नाम ऐसा होना चाहिए जो नागरिकों के गर्व और भावनाओं को प्रतिबिंबित करे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि “विश्वगुरु उड़ान पुल” नाम स्वीकार नहीं किया जाता, तो पुल का नाम देश और राज्य के प्रमुख जनप्रतिनिधियों जैसे नरेंद्र मोदी, देवेंद्र फडणवीस या नरेंद्र मेहता के नाम पर भी रखा जा सकता है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सरकार विकास कार्यों का श्रेय लेने में आगे रहती है, तो नामकरण जैसे मुद्दों पर भी उसे स्पष्ट और पारदर्शी रुख अपनाना चाहिए।
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बागरी ने मनपा और संबंधित प्राधिकरणों से आग्रह किया कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए और शीघ्र निर्णय लिया जाए। पुल के नामकरण को लेकर उठी इस व्यंग्यात्मक मांग के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।