

MLA संजय गायकवाड के किसानों पर दिए बयान पर परांजपे ने नाराजगी जताई।
पार्टी ने 180 सूखाग्रस्त तालुकों में 4.60 लाख दिवाली राशन किट बांटने का दावा किया।
महिलाओं को 25 हजार सिलाई मशीन और लड़कियों को 25 हजार साइकिल देने की पहल।
Mahayuti Dispute Anand Paranjape Appeals: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद महायुति के घटक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सहयोगी दलों के नेताओं और प्रवक्ताओं की बयानबाजी से महायुति में बढ़ती खटास के बीच शिवसेना प्रवक्ता आनंद परांजपे ने महायुति के सहयोगी दलों के नेताओं और प्रवक्ताओं से शिवसेना नेताओं पर आरोप लगाने से बचने तथा सार्वजनिक बयानबाजी में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गठबंधन में समन्वय और संयम जरूरी है, न कि एक-दूसरे पर राजनीतिक हमले।
ठाणे में आयोजित पत्रकार परिषद में परांजपे ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सहयोगी दलों के प्रवक्ताओं ने शिवसेना नेताओं के बारे में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह महायुति की राजनीति के लिहाज से उचित नहीं है। शुक्रवार को भाजपा प्रवक्ताओं की पत्रकार परिषद में इस्तेमाल की गई भाषा भी अनुचित थी।
उन्होंने कहा कि हर दल के नेता और प्रवक्ता को अपनी मर्यादा में रहकर बयान देना चाहिए। किसी को भी अपनी निर्धारित सीमा से आगे बढ़कर शिवसेना पर टिप्पणी करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
परांजपे ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बीच होने वाली बैठक में महायुति के तीनों घटक दलों के बीच समन्वय का मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वरिष्ठ स्तर पर चर्चा के बाद गठबंधन में बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के नेताओं और प्रवक्ताओं को भी सहयोगी दलों पर टिप्पणी नहीं करने के निर्देश दिए हैं। शिंदे का स्पष्ट संदेश है कि दोस्ती में कुश्ती नहीं होनी चाहिए। शिवसेना की भी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से यही अपेक्षा है कि उनके नेता भी शिवसेना के खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी से बचें।
विधायक संजय गायकवाड द्वारा किसानों को लेकर दिए गए बयान पर भी परांजपे ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को किसानों के प्रति असंवेदनशील बयान नहीं देना चाहिए। एकनाथ शिंदे ने ऐसे बयानों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं और गायकवाड के बयान पर पार्टी स्तर पर कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
परांजपे ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय शिवसेना सबसे पहले प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंचती है। केरल की बाढ़, जम्मू-कश्मीर में अतिवृष्टि और नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों को वापस लाने में भी पार्टी ने मदद की थी। मौजूदा सूखे की स्थिति में भी शिवसेना किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
पूर्व सासंद परांजपे ने बताया कि इस वर्ष शिवसेना ने अपना दशहरा सम्मेलन सूखाग्रस्त किसानों को समर्पित किया था। पार्टी की ओर से 180 सूखाग्रस्त तालुकों में किसानों के लिए 4 लाख 60 हजार दिवाली राशन किट वितरित की गई हैं। इसके अलावा महिलाओं को 25 हजार सिलाई मशीन और लड़कियों को 25 हजार साइकिल देने की पहल की जा रही है। किसानों की बेटियों के विवाह के लिए सामूहिक विवाह समारोह भी आयोजित किए जाएंगे।