महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला में बड़ा खुलासा, आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से महज 8 हजार रुपये बिका था प्रश्नपत्र

Maharashtra TET Paper Leak Case: महाराष्ट्र टीईटी (TET) पेपर लीक मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से महज 8 हजार रुपये में पेपर चुराकर 80 हजार में बेचा गया था।
Maharashtra TET Paper Leak Case
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला का मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra TET Paper Leak Case Update: महाराष्ट्र राज्य प्राइमरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले हुए पेपर लीक कांड ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। 27 जून को यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद 28 जून को होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। पुलिस की तफ्तीश में अब इस लीक कांड के तार उत्तर प्रदेश के आगरा से लेकर बिहार तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।

आगरा की सीक्रेट प्रेस से लीक हुआ पेपर

महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा का पेपर पूरी गोपनीयता के साथ छपने के लिए उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित माहिम पतराम प्राइवेट लिमिटेड प्रेस को दिया गया था। प्रशासन को भरोसा था कि यहां पेपर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। लेकिन प्रेस में ही काम करने वाले एक कर्मचारी नरेश कुमार मौहर उर्फ निकी ने चंद रुपयों के लालच में इस भरोसे का कत्ल कर दिया। निकी ने इस सीक्रेट पेपर को चुराया और इस मामले के मुख्य फरार आरोपी बिजेंद्र गुप्ता के साथी सोनू को महज 8,000 रुपये में दे दिया।

पेपर के लिए देता था शराब और पैसा का लालच

पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड बिहार निवासी बिजेंद्र गुप्ता है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर है। महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की जांच कर रही पुलिस के मुताबिक बिजेंद्र गुप्ता ऐसे प्रिंटिंग हाउस खोजता था, जहां अलग-अलग राज्यों के कॉन्फिडेंशियल पेपर प्रिंट होते हैं। वह वहां के कर्मचारियों को शराब और पैसे का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था।

प्रिंटिंग हाउस पर नजर

प्रिटिंग हाउस में आने वाला कोई भी पेपर सीधे उसके पास पहुंचता था। प्रिंटिंग हाउस का कर्मचारी प्रेस से पेपर उसके पास लाता था, फिर वह अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करके कस्टमर ढूंढता और डील करता था। आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से 8,000 रुपये में मिला महाराष्ट्र टीईटी का पेपर उसने अपने हाथों से 80,000 रुपये में बेचा। दिलचस्प बात यह है कि इस जुर्म के आरोपियों के पास इस पेपर की ओरिजिनल कॉपी थी। 28 जून को होने वाले इस एग्जाम का पर्दाफाश एग्जाम से ठीक दो दिन पहले यानी 26 जून को भिवंडी में हुआ।

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