शादी के नाम पर नरक! 50000 में पिता ने किया नाबालिग का सौदा, शादी की तैयारी के बीच पहुंची पुलिस और…
Thane News: शहापुर में एक पिता ने नाबालिग बेटी को शादी के नाम पर ₹50,000 में बेचने की कोशिश की। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सौदा विफल किया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
50000 में पिता ने किया नाबालिग का सौदा, शादी की तैयारी के बीच पहुंची पुलिस
Maharashtra News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शहापुर तहसील से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर 50 हजार रुपए में बेचने की कोशिश की। हालांकि, श्रमजीवी संगठन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह सौदा विफल कर दिया गया।
यह सनसनीखेज मामला शहापुर तालुका के किन्हवली पुलिस थाना क्षेत्र के शेणवे गांव के खैरे इलाके का है। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के पिता सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शहापुर के उपविभागीय पुलिस अधिकारी मिलिंद शिंदे ने बताया कि पीड़िता के पिता, जो आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी कातकरी समाज से हैं, ने अपनी नाबालिग बेटी की शादी कराने के नाम पर उसे बेचने की साजिश रची। उन्होंने बिचौलिया प्रकाश मुकणे के माध्यम से जय लक्ष्मण शिर्के से संपर्क किया। दोनों पक्षों के बीच 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 10 हजार रुपए एडवांस के तौर पर एक महीने पहले ही दे दिए गए थे।
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आरोपी जय लक्ष्मण शिर्के और उसके पिता लक्ष्मण रघुनाथ शिर्के उच्चवर्णीय समाज से हैं। उन्हें यह जानकारी थी कि लड़की नाबालिग है और अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित है, फिर भी उन्होंने गरीबी का फायदा उठाकर यह अमानवीय सौदा किया।
विवाह की तारीख 5 अक्टूबर तय की गई थी। लेकिन, जब श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने आदिवासी क्षेत्र आढावा समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित को इसकी सूचना दी। विवेक पंडित ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाळ और पुलिस अधीक्षक डॉ. डीएस स्वामी को दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय पुलिस निरीक्षक नितीन खैरनार के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके पर चल रही शादी की तैयारियों को रोकते हुए नाबालिग लड़की की बिक्री को नाकाम कर दिया।
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जांच के दौरान आरोपियों पर बाल विवाह निषेध अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 143(4), 3 (5) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(वीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर आधारवाड़ी जेल, कल्याण भेजा गया है। मामले की आगे की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी मिलिंद शिंदे के नेतृत्व में जारी है। -एजेंसी इनपुट के साथ
