महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर अब 76 दिनों तक प्रतिबंध, मछुआरों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
Maharashtra Fishing Ban: सरकार ने समुद्र में मछली पकड़ने पर वार्षिक प्रतिबंध 61 से बढ़ाकर 76 दिन कर दिया है। 1 जून से 15 अगस्त तक लगी रोक से समुद्री जैव विविधता और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
महाराष्ट्र में फिशिंग बैन (फोटो नवभारत)
Maharashtra Fishing Ban 76 Days: महाराष्ट्र सरकार ने समुद्री मछली पकड़ने पर वार्षिक प्रतिबंध की अवधि 15 दिन बढ़ाते हुए अब इसे 1 जून से 15 अगस्त तक लागू करने का निर्णय लिया है। पहले यह प्रतिबंध 1 जून से 31 जुलाई तक, यानी 61 दिनों के लिए लागू रहता था।
नए निर्णय के बाद प्रतिबंध की कुल अवधि 76 दिन हो गई है। इस फैसले का राज्यभर के मछुआरों और मत्स्य संगठनों ने स्वागत किया है। यह निर्णय अखिल महाराष्ट्र मछुआरा कार्रवाई समिति सहित विभिन्न मछुआरा संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग और राज्य सरकार से लगातार किए गए संवाद का परिणाम माना जा रहा है।
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बर्नार्ड डिमेलो ने कहा कि प्रतिबंध अवधि बढ़ने से मछलियों को प्रजनन के लिए अधिक समय मिलेगा, जिससे भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और समुद्री जैव विविधता का संरक्षण भी होगा।
सम्बंधित ख़बरें
मेरी शुभकामनाएं, सचिन अहीर ने शिंदे गुट में जाने से पहले उद्धव को भेजे संदेश में क्या कहा?
यह ऑपरेशन टाइगर नहीं, ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस है, सचिन अहीर के पाला बदलने पर बरसे आदित्य ठाकरे
पहले आओ-पहले पाओ; रेलवे में नौकरी का सुनहरा अवसर, मुंबई से सूरत तक ATVM फैसिलिटेटर पदों के लिए होगी आवेदन
अकोला मनपा का बड़ा फैसला, बारिश में 24×7 कार्यरत रहेंगी 4 आपदा प्रबंधन टीमें
मछुआरा संगठनों का क्या हैं कहना?
मछुआरा संगठनों का कहना था कि पश्चिमी तट पर मानसून सामान्यतः 15 जून के बाद सक्रिय होता है। मई और जून के पहले सप्ताह में मछुआरे बड़ी मात्रा में मछलियां पकड़कर उन्हें सुखाते या कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखते हैं, जिससे बरसात के महीनों में उनकी आजीविका चलती है। उनका आरोप था कि पहले प्रतिबंध की समय-सीमा तय करते समय मछुआरों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
संगठनों ने यह भी कहा कि जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान समुद्र में खराब मौसम और तूफानों के कारण मछली पकड़ना पहले से ही जोखिम भरा रहता है। कई बार नौकाएं समुद्र में फंस जाती हैं और जान-माल का नुकसान होता है।ऐसे में प्रतिबंध अवधि को वैज्ञानिक आधार पर तय करना आवश्यक था।
यह भी पढ़ेः- पहले आओ-पहले पाओ; रेलवे में नौकरी का सुनहरा अवसर, मुंबई से सूरत तक ATVM फैसिलिटेटर पदों के लिए होगी आवेदन
इससे क्या होगा फायदा?
मछुआरों का यह भी कहना है कि मौसम संबंधी बाधाओं के कारण वर्षभर में प्रभावी रूप से केवल चार से साढ़े चार महीने ही सुरक्षित ढंग से समुद्र में मछली पकड़ना संभव हो पाता है। इसके बावजूद सरकार की ओर से नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिलती।
समिति के अनुसार, गुजरात द्वारा 15 अगस्त तक प्रतिबंध लागू किए जाने के बाद अब महाराष्ट्र भी ऐसा करने वाला दूसरा राज्य बन गया है। मछुआरा संगठनों का मानना है कि इस निर्णय से समुद्री संसाधनों के संरक्षण के साथ भविष्य में मत्स्य व्यवसाय को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
