Thane: कल्याण-डोंबिवली में बिल्डिंग नियमों का खुला उल्लंघन, जांच की मांग तेज

Thane: कल्याण-डोंबिवली में नगर नियोजन विभाग द्वारा 45 इमारतों को नियम विरुद्ध मंजूरी देने का मामला सामने आया। सरकार और मनपा ने सीसी रोक दी है, जिससे खरीदार कानूनी संकट में हैं।
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कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Kalyan News In Hindi: कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका के नगर नियोजन विभाग में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग के कुछ अधिकारियों ने तीन वर्ष पूर्व भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करते हुए डोंबिवली क्षेत्र में 45 इमारतों को निर्माण अनुमति प्रदान कर दी।

पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत इन इमारतों में स्टिल्ट प्लस आठ मंजिलों के निर्माण के साथ किरायेदारों के लिए निर्धारित कारपेट एरिया के प्रावधानों की भी अनदेखी की गई है। अनियमितताओं वाले प्रोजेक्ट्स को अब सरकार और मनपा दोनों ही 'पूर्णता प्रमाण पत्र' देने को तैयार नहीं हैं।

इससे इन इमारतों में घर खरीद चुके सैकड़ों निवासी दुविधा और कानूनी संकट में फंस गए हैं। इस बीच, नगर नियोजन विभाग के कुछ अधिकारी कथित रूप से चुनिंदा विकासकर्ताओं के साथ मिलकर नियम विरुद्ध स्वीकृत इमारतों को वैधता दिलाने के लिए सरकारी आदेश प्राप्त करने की कोशिशों में लगे हुए हैं।

इमारतों में 2 सीढ़िया बनाना है अनिवार्य

  • बताया गया कि एकीकृत विकास नियंत्रण विनियम (यूडीसीपीआर) के अनुसार आठ मंजिल से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों पर सख्त प्रतिबंध है।
  • सात से अधिक मंजिलों वाली इमारतों में दो सीढ़ियां अनिवार्य हैं, जिनके बीच 3 से 6 मीटर का अंतर होना चाहिए। सड़क की चौड़ाई और आपातकालीन निकास से जुड़े प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया।

सुविधाओं को लेकर पैदा हुईं कानूनी अड़चनें

  • नियम उल्लंघन के कारण अब संपत्ति कर, जल कनेक्शन और अन्य नागरी सुविधाओं को लेकर भी कानूनी अड़चनें पैदा हो गई हैं।
  • घर खरीदारों ने सरकार और आयुक्त से मांग की है कि ऐसे अवैध परमिट जारी करने वाले शहरी नियोजन विभाग के इंजीनियरों की व्यापक जांच की जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह मामला एक बड़े नगर नियोजन घोटाले का रूप ले सकता है।
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