

नदी में काला और दुर्गंधयुक्त पानी।
रासायनिक प्रदूषण और ठोस कचरे का जमाव।
जलीय जीवों और जैव विविधता पर खतरा।
नदी किनारे के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव।
नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका।
Kalyan Valdhuni River Pollution Water Testing MPCB Action: कल्याण वालधुनी स्थित बुद्ध भूमि फाउंडेशन द्वारा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र सौंपकर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग के अनुसार वालधुनी नदी के प्रदूषणमुक्तीकरण तथा पुनर्जीवन के लिए विस्तृत उपाययोजना सुझाई गई।
फाउंडेशन के अनुसार, वालधुनी नदी इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक जलवाहिनी है, लेकिन लंबे समय से घरेलू सीवेज, औद्योगिक एवं रासायनिक अपशिष्ट तथा अनधिकृत व्यावसायिक/औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी के कारण नदी की जल गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
वालधुनी नदी में लंबे समय से काला और दुर्गंधयुक्त पानी बहने के साथ ही रासायनिक प्रदूषण तथा बड़ी मात्रा में ठोस कचरा जमा हो रहा है। इसके कारण नदी की जल गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। बुद्ध भूमि फाउंडेशन ने आशंका जताई है कि प्रदूषण का यह स्तर नदी में रहने वाले जलीय जीवों और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, नदी के आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। दूषित पानी और कचरे के कारण स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। फाउंडेशन ने नदी के प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरणीय नुकसान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फाउंडेशन ने नदी में मिलने वाले प्रत्येक नाले की GPS मैपिंग कर उसके स्रोत, प्रवाह, सीवेज की मात्रा और स्वरूप निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही BOD, COD, TDS, pH, DO, Heavy Metals सहित आवश्यक रासायनिक घटकों की जांच कर Pollution Source Inventory तैयार करने का सुझाव दिया गया था।
उसी अनुसार कल्याण विभाग एमपीसीबी अधिकारी राजेश नांदगांवकर द्वारा वालधुनी नदी का जल जांच करने हेतु जमा किया गया, बतौर नांदगांवकर, रिपोर्ट आनेपर जल्द ही प्रदुषणकर्ताओं पर कार्रवाई की जायेगी।