कल्याण में 'पुणे' जैसा कांड: नाबालिग की तेज रफ्तार कार ने ली व्यवसायी की जान, मां पर FIR, पिता की तलाश जारी

Kalyan Hit And Run: कल्याण के रिंग रोड पर 17 वर्षीय नाबालिग ने कार से साइकिल सवार बिजनेसमैन श्रीनिवास तंडाले को कुचला। पुलिस ने मां पर केस दर्ज कर बेटे को हिरासत में लिया।
Kalyan Road Accident Srinivas Tandale Death
Kalyan Road Accident Srinivas Tandale Death (डिजाइन फोटो)
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Kalyan Road Accident Srinivas Tandale Death: महाराष्ट्र के कल्याण से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग की चंद मिनटों की लापरवाही ने शहर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी की जान ले ली। कल्याण के रिंग रोड पर हुई इस टक्कर ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि नाबालिगों को वाहन सौंपने वाले अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

यह घटना 'पुणे पोर्शे कांड' और दिल्ली की हालिया दुर्घटनाओं की याद दिलाती है, जहाँ रसूख और लापरवाही के मेल ने मासूमों या निर्दोषों की जान ली।

CCTV में कैद खौफनाक मंजर: पीछे से मारी जोरदार टक्कर

व्यवसायी श्रीनिवास तंडाले, जो अपनी फिटनेस के प्रति सजग थे, हर रोज की तरह बुधवार सुबह चंदोरी रिंग रोड पर साइकिलिंग कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें इतनी जोरदार टक्कर मारी कि तंडाले हवा में उछलकर दूर जा गिरे। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि टक्कर के समय कार की गति सामान्य से कहीं अधिक थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अस्पताल ले जाने का मौका भी नहीं मिला और तंडाले ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

नाबालिग हिरासत में, मां पर FIR और पिता पर भी शिकंजा

जांच में सामने आया है कि कार चलाने वाला लड़का मात्र 17 वर्ष का है। वह घर से बिना बताए कार की चाबी लेकर 'जॉयराइड' के लिए निकला था। खड़कपाड़ा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार जब्त कर ली है और नाबालिग को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नाबालिग की मां, कामिनी योगेश पांडे के खिलाफ केस दर्ज किया है, वहीं पिता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कानून के मुताबिक, नाबालिग को वाहन उपलब्ध कराना अभिभावकों के लिए जेल की सजा का प्रावधान रखता है।

बैरिकेड्स हटने से 'डेथ ट्रैप' बना रिंग रोड

स्थानीय नागरिकों और साइकिलिंग ग्रुप में इस घटना को लेकर भारी रोष है। साइकिलिंग ग्रुप की सदस्य डॉ. रहनुमा ऐत शमुद्दीन ने बताया कि रिंग रोड पर पहले सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन्हें कुछ समय पहले हटा दिया गया। बैरिकेड्स हटने के बाद से यह सड़क रईसजादों और नाबालिगों के लिए 'स्पीड ट्रैक' बन गई है। मॉर्निंग वॉक और जॉगिंग करने वालों की सुरक्षा की मांग को लेकर गुरुवार को स्थानीय नागरिक और साइकिलिस्ट बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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