अशोक खरात 'वॉटर स्कैम': शीतल म्हात्रे का दावा- "मातोश्री के दबाव में मिला पानी", उबाठा गुट की बढ़ीं मुश्किलें

Sheetal Mhatre Tweet: अशोक खरात मामले में शीतल म्हात्रे ने UBT पर 'मातोश्री' के दबाव में पानी कनेक्शन देने का आरोप लगाया। खरात के पास से कारतूस बरामद, SIT जांच तेज।
Sheetal Mhatre on Ashok Kharat Matoshree Controversy
Sheetal Mhatre on Ashok Kharat Matoshree Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
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Ashok Kharat Matoshree Water Controversy: नासिक के कथित 'भोंदू बाबा' अशोक खरात मामले ने अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है। अब तक केवल अंधविश्वास और यौन शोषण के इर्द-गिर्द घूम रहा यह केस अब 'जल विवाद' और 'मातोश्री' के कथित संबंधों तक पहुँच गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उद्धव ठाकरे गुट (UBT) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिसमें 2020 के एक पुराने सरकारी आदेश का हवाला दिया गया है।

हालांकि, म्हात्रे ने बाद में अपना पोस्ट हटा लिया, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए सवालों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

'मातोश्री' के दबाव में पानी कनेक्शन? शीतल म्हात्रे का बड़ा दावा

शीतल म्हात्रे ने आरोप लगाया कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब अशोक खरात की संस्था को विशेष रियायतें दी गई थीं। उन्होंने दावा किया कि खरात की 'शिवनिका' संस्था को नासिक के दरना बांध से पानी की आपूर्ति का आदेश किसी और के नहीं, बल्कि 'मातोश्री' के सीधे दबाव में दिया गया था। म्हात्रे ने इसे एक "बड़ा छिपा हुआ राज" बताते हुए UBT गुट से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि अगर इस कनेक्शन की गहराई से जांच हुई, तो कई चौंकाने वाले नाम सामने आएंगे।

39 लाख लीटर पानी और 21 एकड़ का आम का बाग

एबीपी माझा की रिपोर्ट के अनुसार, 25 जून 2020 को कैबिनेट उप-समिति की बैठक में खरात की संस्था के लिए पानी का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। नियमों के मुताबिक, यह पानी पीने के लिए आरक्षित था, जिसके लिए 48 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई थी। लेकिन चौंकाने वाला खुलासा यह है कि इस पानी का कथित तौर पर खरात के 21 एकड़ के आम के बाग की सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। विपक्ष अब सवाल उठा रहा है कि एक ढोंगी बाबा के निजी फायदे के लिए सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कैसे होने दिया गया?

SIT जांच में हथियारों और कारतूसों का जखीरा बरामद

अशोक खरात की मुश्किलें केवल राजनीतिक नहीं हैं। पुलिस हिरासत में चल रहे खरात के खिलाफ अब तक 10 मामले दर्ज हो चुके हैं। एसआईटी (SIT) की जांच में खुलासा हुआ है कि नासिक प्रशासन ने खरात को बाकायदा हथियार का लाइसेंस जारी किया था। उसके फार्महाउस की तलाशी के दौरान 21 कारतूस बरामद हुए हैं, जिनमें से 5 का इस्तेमाल पहले ही किया जा चुका था। फिलहाल पुलिस खरात के इस 'हथियार प्रेम' और उसके पीछे के रसूखदार लोगों की कड़ी जोड़ने में जुटी है।

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