

कल्याण-डोंबिवली को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
महापौर एडवोकेट हर्षाली चौधरी ने खुद मैदान में उतरकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
कल्याण पश्चिम में दुर्गाडी चौक से भवानी चौक तक डीप क्लीनिंग की गई।
सड़क पर अवैध रूप से सामान बेचने और फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी गई।
Kalyan West Deep Cleaning: कल्याण और डोंबिवली शहरों को साफ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए, मेयर एडवोकेट हर्षाली चौधरी ने खुद मैदान में उतरकर स्वच्छता अभियान का जायजा लिया। कल्याण पश्चिम में दुर्गाडी चौक से भवानी चौक (प्रेम ऑटो के पास) तक के इलाके में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।
इस अभियान के दौरान पूरे इलाके की गहन सफाई (डीप क्लीनिंग) की गई। इसके अलावा, सड़कों पर अवैध रूप से सामान बेचने वालों और फुटपाथों पर अतिक्रमण करने वालों को कड़ी चेतावनी दी गई। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई।
महापौर ने जोर देकर कहा कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए हैं, न कि अतिक्रमण करने के लिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सार्वजनिक सड़कों और जगहों को साफ और अतिक्रमण मुक्त रखने के मामले में प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमिश्नर कोकरे, असिस्टेंट कमिश्नर सावंत के साथ-साथ अतिक्रमण विरोधी और स्वच्छता विभाग के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। मेयर ने दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक अस्थायी अभियान नहीं, बल्कि कल्याण-डोंबिवली की एक स्थायी पहचान होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि शहर भर में स्वच्छता बनाए रखने और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
इस विशेष स्वच्छता अभियान और प्रशासनिक कार्रवाई का स्थानीय नागरिकों ने दिल से स्वागत किया है। कई रहवासियों ने बताया कि फुटपाथों पर अतिक्रमण होने के कारण उन्हें पैदल चलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। हालांकि, कुछ छोटे दुकानदारों ने रोजगार प्रभावित होने की बात भी कही, जिस पर प्रशासन ने उन्हें निश्चित वेंडिंग जोन के नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
महापालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के औचक निरीक्षण और डीप क्लीनिंग अभियान आने वाले दिनों में कल्याण और डोंबिवली के अन्य प्रभागाें में भी चलाए जाएंगे। इसके साथ ही, शहर के मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले परिसरों में स्थायी रूप से नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया जा रहा है, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।