

पुणे जिले में बारिश से किसानों को राहत, रबी बुआई की उम्मीद बढ़ी।
बारामती में 150–158 मिमी बारिश से जलभराव, प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किए।
अंगूर-अनार की फसलों को नुकसान और गन्ने की कटाई प्रभावित होने की आशंका।
Sunetra Pawar Rain Review: नवंबर की शुरुआत में पुणे जिले के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश ने सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत दी है। बारामती, खेड़, आंबेगांव और इंदापुर सहित कई तहसीलों में बारिश होने से गन्ने और चारे की फसलों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही गेहूं, चना और ज्वार जैसी रब्बी फसलों की बुआई को भी गति मिल सकती है। हालांकि, बारिश से अंगूर और अनार की बागवानी करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बारामती शहर और आसपास के क्षेत्रों में 2 नवंबर की सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। शहर और उपनगरों में करीब 150 से 158 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके चलते बारामती बस स्टेशन, निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया।
स्थिति का जायजा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने उपविभागीय अधिकारी उत्तम दिघे और नगर परिषद के मुख्याधिकारी पंकज भुसे से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने प्रशासन को तत्काल जलनिकासी और राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। बारामती के अलावा मालेगांव, काटेवाड़ी, पिपली लिमटेक और मोरगांव में भी जोरदार बारिश हुई।
इंदापुर तहसील के भवानीनगर, सणसर और लासुर्ण क्षेत्रों में हुई बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। पिछले करीब तीन महीनों से बारिश नहीं होने के कारण इन इलाकों में जलसंकट गहराने लगा था। अब बारिश से गन्ने और चारे की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, अंगूर और अनार की बागवानी करने वाले किसान चिंतित हैं। उनका मानना है कि बेमौसम बारिश से फसलों और फलों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
आंबेगांव तहसील में रविवार रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश सोमवार सुबह 11 बजे तक जारी रही। बारिश के बाद घोड़ नदी के पात्र में पानी का प्रवाह फिर शुरू हो गया है। इससे खेतों की सिंचाई के लिए किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, खेतों में कीचड़ और पानी भरने से कई स्थानों पर गन्ने की कटाई प्रभावित हुई है। मजदूरों को अपने डेरों में रुकना पड़ा। इससे चीनी मिलों के पेराई सत्र पर भी असर पड़ने की आशंका है।
उपविभागीय अधिकारी उत्तम दिघे के अनुसार, बारामती में भारी बारिश के बाद स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने में जुटी हैं। फिलहाल किसी जनहानि या बड़ी क्षति की सूचना नहीं है। नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।