ठाणे : डोंबिवली पूर्व काटईनाका (Dombivli East Katinaka) स्थित अमरावती पेट्रोल पम्प (Amravati Petrol Pump) के मालिक अर्जुन विजयनारायण उपाध्याय (Owner Arjun Vijaynarayan Upadhyay) को लाखों की धोखाधड़ी करने के चलते शनिवार को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Hindustan Petroleum Corporation Limited) कंपनी ने बेआबरू कर निकाल दिया और उनसे पेट्रोल पम्प (Petrol Pump) का मालिकाना हक़ छीन लिया। पेट्रोल पम्प को चलाने का अधिकार ज्ञान ऑटो कंपनी के मालिक अशोक वोरा को दे दिया गया है।
शनिवार को एचपीसीएल कंपनी के अधिकारी पुलिस बंदोबस्त (Police Setobast) के साथ पेट्रोल पम्प पर पहुंचे। मानपाड़ा पुलिस स्टेशन (Manpada Police Station) के लगभग 10 पुलिस अधिकारी, पुलिस कर्मी उपस्थित थे। एचपीसीएल ने अर्जुन उपाध्याय को अग्रिम नोटिस दी हुई थी। इसलिए उपाध्याय एन्ड फैमिली (विजय नारायण उपाध्याय, अर्जुन उपाध्याय, दीपक उपाध्याय और राज उपाध्याय अपने 7 निजी सुरक्षा रक्षक (बाउंसरों) के साथ पहले से ही मौजूद थे और जितना ड्रामा, नौटंकी कर सकते थे उपाध्याय एन्ड फैमिली ने कर ली। दीपक उपाध्याय तो जमीन पर लेट गया और बेहोश होने का नाटक करने लगा। लेकिन एचपीसीएल के अधिकारी शिवाजी आचर्लेकर और मानपाड़ा पुलिस के सामने कोई भी नौटंकी काम नहीं आई। पुलिस ने पहले तो बाउंसरों को भगा दिया। अधिकारियों ने उपाध्याय का जो भी सामान था निकाल कर उन्हें दे दिया और ज्ञान ऑटो कंपनी के मालिक अशोक वोरा (Ashok Vora) को पेटोल पंप चलाने का पूरा अधिकार दे दिया।
फरवरी 2022 को “बैंक और मृत पार्टनर्स के साथ धोखाधड़ी करनेवाले अमरावती पेट्रोल पंप के मालिक अर्जुन उपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज” हुई थी। मीडिया में यह न्यूज आने से एचपीसीएल कंपनी के विजिलेंस विभाग ने इस खबर को सीरियसली लिया और जांच की। विजिलेंस विभाग को खबर सच मिली। इस पर एचपीसीएल ने अर्जुन उपाध्याय को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अर्जुन उपाध्याय ने एचपीसीएल को जो जवाब दिया। कंपनी अर्जुन उपाध्याय के उस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। अंततः एचपीसीएल ने अर्जुन उपाध्याय की डीलरशिप कैंसल कर दी और 30 अप्रैल 2022 को अधिकारी डीलरशिप कैंसल करने की फॉर्मेलिटी पूरी करने आये थे। अर्जुन उपाध्याय के दूसरे भागीदार वेदप्रकाश मिश्रा की विधवा पत्नी पूर्णिमा मिश्रा की शिकायत पर कल्याण (पूर्व) की कोलसेवाड़ी पुलिस ने 26 फरवरी 2022 को अर्जुन उपाध्याय के खिलाफ भादंसं की धारा 420 और 406 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। अर्जुन उपाध्याय ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया की कल्याण पूर्व शाखा से कंपनी के खाते से 20,56,403 रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए। तब के बैंक मैनेजर मलय कुमार ने भी पुलिस को बयान दिया है कि अर्जुन उपाध्याय ने बैंक को गुमराह करके रुपये ट्रांसफर किए हैं।