

Dinesh Gupta Ganesh Festival: अपने अनोखे हुनर और रचनात्मक प्रयोगों के लिए पहचाने जाने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता आनंदश्री ने एक बार फिर अपनी कला का लोहा मनवाया है। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य के सभी 36 जिलों के नामों का अत्यंत कलात्मक ढंग से प्रयोग करते हुए भगवान श्रीगणेश की एक भव्य और अनोखी आकृति तैयार की है। कल्याण निवासी डॉ. गुप्ता का यह प्रयास ना केवल उनकी कलात्मक सोच को दर्शाता है, बल्कि गणेशोत्सव के पावन अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी नए आयाम में प्रस्तुत करता है।
इस विशेष कलाकृति की सबसे बड़ी विशेषता इसका निर्माण समय और इसकी बारीक बनावट है। डॉ. दिनेश गुप्ता ने केवल 1 घंटे की अल्प समयावधि में इस जटिल और विस्तृत कलाकृति को पूर्ण किया। उन्होंने राज्य के हर एक जिले का नाम इस तरह पिरोया कि दूर से देखने पर भगवान गणेश की सुडौल और मनमोहक आकृति स्पष्ट नजर आती है। जिलों के नामों का यह संयोजन कला जगत और श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
अपनी इस उपलब्धि पर प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता ने बताया कि इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य कला के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और प्रांतीय एकता को बढ़ावा देना है। उनका मानना है कि "36 जिले, एक महाराष्ट्र, एक गणपति" का विचार राज्य की विविधता में एकता और सकारात्मकता का संचार करता है। गणेशभक्ति को प्रांतीय गौरव से जोड़ती यह कलाकृति वर्तमान समय में एकजुटता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है।
डॉ. गुप्ता के इस रचनात्मक कारनामे की जानकारी सामने आते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया है। स्थानीय नागरिकों, कलाशास्त्रियों और सामाजिक संगठनों ने उनके इस नवोन्मेषी प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। अपनी उत्प्रेरक वाक्पटुता के साथ-साथ इस तरह के रचनात्मक प्रयोगों से उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कला और भक्ति का संगम समाज को एक नया दृष्टिकोण दे सकता है।