डोंबिवली की छात्रा के खाते से 2.60 करोड़ का खेल, बैंक वर्कर सहेली ने बनाया मोहरा, उत्तराखंड के लोगों से हुई ठगी

Dombivli Student Bank Fraud Case: डोंबिवली की निधि तिवारी के खाते से 2.60 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन। सहेली पर धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस की सुस्त कार्रवाई पर मनसे ने उठाए सवाल।
Dombivali MSc Student Nidhi Tiwari
Dombivali MSc Student Nidhi Tiwari (फोटो क्रेडिट-X)
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RBL Bank Employee Fraud: महाराष्ट्र के डोंबिवली से एक सनसनीखेज साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एमएससी (MSc) की एक छात्रा निधि तिवारी के बैंक खाते से 2 करोड़ 60 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। निधि का आरोप है कि उसकी एक दोस्त ने टारगेट पूरा करने के बहाने उसका खाता खुलवाया और फिर उस खाते का इस्तेमाल उत्तराखंड के मासूम लोगों को ठगने के लिए किया गया।

इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब निधि ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों से डोंबिवली पुलिस को जानकारी देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है, जिसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

दोस्ती के नाम पर धोखा और करोड़ों का ट्रांजेक्शन

डोंबिवली के गोग्रसवाड़ी की रहने वाली निधि तिवारी कल्याण के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ती हैं। निधि के अनुसार, उनकी सहेली चांदनी सिंह, जो आरबीएल (RBL) बैंक में कार्यरत थी, उसने बैंक का टारगेट पूरा करने के बहाने निधि का अकाउंट खुलवाया। इसके बाद निधि ने तीन अलग-अलग जगहों पर खाते खोले। कुछ ही समय बाद, निधि को पता चला कि उसके एक खाते में 2.60 करोड़ रुपये और दूसरे में 10 लाख रुपये का भारी-भरकम लेनदेन हुआ है। जब निधि ने चांदनी से पूछताछ की, तो उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिससे निधि को दाल में कुछ काला होने का शक हुआ।

उत्तराखंड के पीड़ितों से जुड़ी धोखाधड़ी की कड़ियां

शुरुआती जांच और निधि के दावों के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल 'साइबर फ्रॉड' के लिए किया गया था। उत्तराखंड के लोगों को झांसा देकर उनसे लूटी गई रकम निधि के डोंबिवली स्थित खातों में ट्रांसफर की गई और वहां से निकाल ली गई। इस मामले में उल्हासनगर के एक संदिग्ध व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। निधि का आरोप है कि उसने पुलिस को सभी संदिग्धों की जानकारी दी है, लेकिन पुलिस ने अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। निधि को डर है कि इस अवैध लेनदेन के कारण भविष्य में वह कानूनी मुसीबत में फंस सकती है।

मनसे का पुलिस पर प्रहार और प्रशासन की सफाई

मनसे नेता अविनाश जाधव ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। जाधव ने आरोप लगाया कि "मुख्यमंत्री साइबर क्राइम रोकने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन यहां एक छात्रा खुद सबूत लेकर पुलिस के पास जा रही है और पुलिस संदिग्धों को छोड़ रही है।" उन्होंने पूछा कि आखिर किसके दबाव में पुलिस कार्रवाई से बच रही है? दूसरी ओर, रामनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक गणेश जवादवाड ने कहा है कि छात्रा का आवेदन मिल चुका है और जांच जारी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि यह केवल लापरवाही है या कोई बड़ा रैकेट।

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