Dombivli में पुजारी दरिंदा गिरफ्तार: 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, पड़ोसी ने किया भरोसे का खून
Dombivli के तिलकनगर क्षेत्र में एक पुजारी पर 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। बच्ची की हिम्मत से मामला सामने आया और पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
5 साल की बच्ची से दुष्कर्म (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Dombivli Priest Arrested for Minor Assualt Case: कल्याण-डोंबिवली के तिलकनगर थाना क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
यहां एक पुजारी पर पड़ोस में रहने वाली 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल बन गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी हरीश भावे गोग्रासवाड़ी इलाके में पूजा-पाठ कराने का काम करता था और पीड़ित परिवार का पड़ोसी था। घर में उसका नियमित आना-जाना था, जिसके चलते परिवार को उस पर भरोसा था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया।
सम्बंधित ख़बरें
Pune Metro Uber QR Ticket : पुणे मेट्रो का सफर हुआ डिजिटल, अब उबर ऐप से बुक होंगे QR टिकट
महाराष्ट्र में मातृ-शिशु मृत्यु पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हर मौत की होगी गहन जांच
दहिसर-काशीगांव मेट्रो को एक महीने में 10 लाख यात्री, स्टेशन के बाहर बढ़ा ट्रैफिक जाम
Intermittent Fasting: क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग जिससे वजन कंट्रोल होता है, लेकिन दिल पर करता है बुरा असर
बच्ची की हिम्मत से खुला मामला
बताया जा रहा है कि बच्ची के माता-पिता कामकाजी हैं और घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। आरोपी ने इसी स्थिति का फायदा उठाया। हालांकि, बच्ची ने साहस दिखाते हुए अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। बच्ची की बात सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया और तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
Dombivli पुलिस की त्वरित कार्रवाई
परिजन बच्ची को लेकर सीधे तिलकनगर पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें :- NCP में अंदरूनी कलह: विलय पर पटेल-तटकरे की नाराजगी, सुनेत्रा पवार की बढ़ी मुश्किलें
बढ़ती घटनाओं से चिंता
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से समाज में चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।
