नवी मुंबई में साइबर ठगी का जाल! 9 महीने में 91 करोड़ की लूट, पुलिस की सख्त से 40% अपराधों में कमी

Thane News: नवी मुंबई में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों से हड़कंप मच गया है। नौ महीनों में 91 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस के सख्त कदमों से इस साल 40 फीसदी कमी की उम्मीद जताई जा रही है।
Cyber fraud
अंबरनाथ में साइबर धोखाधड़ी (pic credit; social media)
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Cyber ​​Fraud in Navi Mumbai: नवी मुंबई में साइबर ठगी का यह ट्रेंड अब हर दिन किसी न किसी को निशाना बना रहा है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं। साल 2025 के पहले 9 महीनों में 267 मामलों में करीब 91 करोड़ 67 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है। खास बात यह है कि इनमें ज्यादातर शिकार उच्च शिक्षित युवा और सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक बने हैं।

साइबर पुलिस के मुताबिक, ठग अब पहले से ज्यादा पेशेवर तरीके से काम कर रहे हैं। वे फर्जी वेबसाइट बनाकर शेयर मार्केट या क्रिप्टो में भारी मुनाफे का वादा करते हैं। निवेशक जैसे ही भरोसा कर पैसे ट्रांसफर करते हैं, वेबसाइट और ठग दोनों गायब हो जाते हैं।

खारघर सेक्टर-20 के ग्रीन हेरिटेज बिल्डिंग में रहने वाले एक 40 वर्षीय युवक के साथ हाल ही में 1 करोड़ 7 लाख रुपये की ठगी हुई। युवक को एक वेबसाइट के जरिए "स्पेशल ट्रेडिंग प्रोजेक्ट" का लालच दिया गया था। पहले छोटे-छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर एक बड़े निवेश के बाद ठग फरार हो गए।

हालांकि, राहत की बात यह है कि नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय ने साइबर क्राइम रोकथाम के लिए कई कदम उठाए हैं। साइबर सेल की निगरानी बढ़ाई गई है, बैंक और पेमेंट गेटवे से समन्वय मजबूत किया गया है, और डिजिटल फ्रॉड ट्रैकिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। पुलिस का दावा है कि इन कदमों से आने वाले महीनों में 40 प्रतिशत तक साइबर धोखाधड़ी में कमी आएगी।

साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन निवेश ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें, अजनबी लिंक या एप डाउनलोड न करें और संदेहास्पद गतिविधि दिखने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। साइबर ठग नए-नए ट्रेंड्स से लोगों को फंसा रहे हैं, लेकिन अगर नागरिक सतर्क रहें, तो ठगी की आधी घटनाएं रुक सकती हैं।

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