नवी मुंबई: सिडको का लैंड माफिया पर बड़ा प्रहार, कामोठे और खारघर में 6600 वर्ग मीटर जमीन अवैध कब्जे से मुक्त

Navi Mumbai News: सिडको ने कामोठे और खारघर में अवैध निर्माणों को जमींदोज कर 6600 वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई। इस कार्रवाई में कबाड़ की दुकानें, शेड और अवैध स्टॉल हटाकर सरकारी जमीन बचाई गई।
CIDCO cleared 6600 sqm of land in Kamothe and Kharghar by demolishing illegal structures. The drive targeted scrap shops and stalls to reclaim public property.
Illegal Construction ( Source: Social Media )
Published on
Updated on

Navi Mumbai Illegal Construction News: नवी मुंबई सिडको ने सरकारी जमीन हड़पने वाले लैंड माफिया और बिना इजाजत के अवैध निर्माण करने वालों को झटका देना जारी रखा है। इसी के तहत सिडको के अवैध निर्माण निरोधक विभाग द्वारा पनवेल के तहत आने वाले कामोठे नोड के अलग-अलग सेक्टर में कार्रवाई कर के 3000 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इस कार्रवाई के दौरान सिडको की एक टीम ने कामोठे के सेक्टर 9, 19, 29 और 32 में एक साथ कई अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की।

जिसमें स्टॉल, शेड, कबाड़ की दुकानें, नर्सरी आदि का समावेश रहा। इसी तरह की कार्रवाई खारघर नोड में भी सिडको द्वारा की गई। उक्त सभी अवैध निर्माणों को जेसीबी की मदद से जमींदोज किया गया। सिडको के सतर्कता विभाग के मुख्य अधिकारी सुरेश मेंगडे के अनुसार अवैध निर्माणों की वजह से शहर के प्लान किए गए डेवलपमेंट के कार्यों में रुकावट आ रही थी, जिसे देखते हुए यह एक्शन लिया गया।

इस एक्शन को सफल बनाने के लिए सिडको के संबंधित विभाग का अधिकारियों, कर्मचारियों, सिक्योरिटी फोर्स, सिडको से संलग्न पुलिस की टीम, लोकल पुलिस, महाराष्ट्र सिक्योरिटी फोर्स की मदद ली गई। वहीं खारघर नोड के सेक्टर 10, 11 और 18 में खाली प्लॉट पर बने अवैध निर्माणों को सिडको द्वारा गिराकर इस कार्रवाई से 3600 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है।

अवैध शेड से फैलती है गंदगी

खारघर जैसे तेजी से डेवलप हो रहे इलाके में कई जगहों पर अवैध तौर से स्टॉल, कबाड़ की दुकानें, लोहे की चादर के शेड और झोपड़ियां बनाई गई थी। जिसे जेसीबी की मदद से जमींदोज किया गया। कबाड़ की दुकानों और बिना इजाजत के बने शेड से इलाके में गंदगी फैलती है और अपराधियों के ऐसी जगहों पर पनाह लेने की संभावना होती है। जिसे ध्यान में रखते हुए सिडको द्वारा उक्त कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से सिडको की आरक्षित जमीन सुरक्षित हो गई है और भविष्य में इस पर बनने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए रास्ता साफ हो गया है।

ये कंस्ट्रक्शन

मौजूदा नियमों को तोड़कर और बिना किसी आधिकारिक इजाजत के किए गए थे। इसके पीछे मुख्य मकसद पब्लिक प्रॉपर्टी की रक्षा करना और शहर को बदनाम होने से रोकना है। - सुरेश मेंगडे, चीफ विजिलेंस ऑफिसर, सिडको

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com