गणेशोत्सव को लेकर नवी मुंबई में तेजी, विसर्जन के लिए जल्द होगी 139 कृत्रिम तालाब की व्यवस्था
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों शोरों से हो रही है। इसको लेकर प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली है। गणेश विसर्जन के लिए नवी मुंबई मनपा ने 139 कृत्रिम तालाब निर्माण करने का फैसला लिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कृत्रिम तालाब (सौ. सोशल मीडिया )
Navi Mumbai News In Hindi: इस वर्ष गणेश उत्सव के दौरान जल प्रदूषण को रोकने के लिए, नवी मुंबई मनपा 139 कृत्रिम तालाब बनाने का निर्णय लिया है। कृत्रिम तालाबों के स्थान मंडल एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा निर्धारित किए गए हैं।
इस प्रकार मनपा प्रशासन ने 22 पारंपरिक और 139 कृत्रिम तालाब सहित 161 विसर्जन स्थलों पर गणेश मूर्तियों के विसर्जन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नवी मुंबई मनपा के 14 मुख्य तालाबों के लगभग 30 प्रतिशत जलाशयों में गेबियन दीवार खड़ी की गई है और मनपा ने नागरिकों से इन विशिष्ट क्षेत्रों में मूर्तियों का विसर्जन करने और जल प्रदूषण को रोकने की अपील की है।
पर्यावरण अनुकूल बनाएं मूर्ति
इसी तरह, मंडलों से पर्यावरण के अनुकूल गणेश उत्सव मनाने की अपील करते हुए नागरिकों को मूर्तियों के विसर्जन के लिए अपने घरों के पास विसर्जन स्थल उपलब्ध हों, इस बात का ध्यान रखते हुए बड़े पैमाने पर कृत्रिम विसर्जन तालाबों का निर्माण करने का निर्णय लिया है। नगरपालिका आयुक्त के निर्देशानुसार, नागरिकों की मांग और पिछले वर्ष के अनुभव को ध्यान में रखते हुए शहर अभियंता शिरीष आदरवाड के नियंत्रण में सभी 8 प्रभागों में केंद्रीय स्थानों पर कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
अवैध संबंध के शक में महिला की हत्या, कोल्हापुर से शव कार में लेकर भिवंडी पहुंचा आरोपी गिरफ्तार
Eyeliner Tips: आई लाइनर लगाते हुए आपके भी हाथ कांपते हैं, पहली बार में लगेगा परफेक्ट, इन ट्रिक्स को करें फॉलो
Drugs Seizure: ठाणे में 3.04 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त, ऑटो से सप्लाई करने आया आरोपी गिरफ्तार
ठाणे में बन रहा 900 बेड का हाईटेक सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, एयर एम्बुलेंस से लेकर मुफ्त इलाज तक, जानें खूबियां
ये भी पढ़ें :- गणेशोत्सव को लेकर BEST का मास्टरप्लान तैयार, रेलवे भी चलाएंगी स्पेशल ट्रेन ऑपरेशन
22 पारंपरिक विसर्जन स्थल
मनपा क्षेत्र में 22 पारंपरिक विसर्जन स्थल है और भीड़ को एक जगह इकट्ठा होने से रोकने के लिए पिछले 6 वर्षों से कृत्रिम विसर्जन तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इन कृत्रिम तालाबों को हर साल नागरिकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इन कृत्रिम तालाबों में विसर्जन से प्रकृति को भी नुकसान नहीं होता है।
