ऑपरेशन टाइगर की अफवाहों के बीच मातोश्री पहुंचे सांसद अरविंद सावंत, जानें उद्धव ठाकरे से क्या हुई बात

Arvind Sawant Meet Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा से उठ सियासी तूफान के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने माताेश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है।
MP Arvind Sawant met Uddhav Thackeray at Matoshree Amidst rumors of Operation Tiger
उद्धव ठाकरे व अरविंद सावंत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Arvind Sawant Uddhav Thackeray Meeting: महाराष्ट्र की एक बार फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है।। चर्चा के केंद्र में है 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger)। दावा किया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए एक बड़ी सेंधमारी की योजना बनाई है। हालांकि, ठाकरे गुट ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए अब कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

क्या है वो 'गुप्त बैठक' का दावा?

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट ने राज्य में खलबली मचा दी। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार मध्यरात्रि ठाणे के वोल्टास कंपनी परिसर में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और ठाकरे गुट के 8 सांसदों के बीच एक लंबी गुप्त बैठक हुई। खबर में दावा किया गया कि डिप्टी सीएम शिंदे अपना काफिला छोड़कर अचानक दूसरे रास्ते से बैठक स्थल पहुंचे थे, जहां उनके बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे भी मौजूद थे।

बैठक में कौन-कौन शामिल था?

रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में ठाकरे गुट के प्रमुख चेहरे जैसे अरविंद सावंत, संजय दिना पाटील, संजय देशमुख, नागेश पाटील आष्टीकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और राजाभाऊ वाजे मौजूद थे। वहीं, उस्मानाबाद के सांसद ओमराजे निंबालकर और दो अन्य सांसदों के वीडियो कॉल के जरिए जुड़ने की बात कही गई थी। खबर थी कि इन सांसदों को शिंदे गुट में शामिल होने का बड़ा ऑफर दिया गया है।

ठाकरे गुट का पलटवार और कानूनी कार्रवाई

इस खबर के बाहर आते ही महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ गया। इसी बीच शनिवार को सांसद अरविंद सावंत को उद्धव ठाकरे का बुलावा आ गया। सावंत ने 'मातोश्री' जाकर पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, ठाकरे गुट इस भ्रामक खबर से बेहद नाराज है। अरविंद सावंत और उद्धव ठाकरे के बीच हुई चर्चा के बाद यह तय किया गया है कि बिना किसी ठोस सबूत के छवि खराब करने वाली इस रिपोर्ट के खिलाफ संबंधित मीडिया संस्थान को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा।

शिंदे गुट ने भी किया इनकार

हालांकि सिर्फ ठाकरे गुट ही नहीं, बल्कि शिंदे गुट के नेताओं ने भी इस तरह की किसी भी बैठक या 'ऑपरेशन टाइगर' की बात से इनकार किया है। दोनों पार्टियों का कहना है कि यह केवल अफवाह है जिसका मकसद गठबंधन और पार्टी की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना है। फिलहाल, महाराष्ट्र की राजनीति में यह 'लेटर वॉर' और कानूनी लड़ाई क्या नया मोड़ लेती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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