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सोलापुर: फसल बीमा के नाम पर किसानों से वसूले 151 करोड़, मुआवजे में मिले सिर्फ 25 करोड़; उत्पादक अब भी बेहाल

सोलापुर में फसल बीमा प्रीमियम के रूप में 151 करोड़ रुपये जमा होने के बावजूद किसानों को केवल 25 करोड़ का मुआवजा मिला है। सोयाबीन, प्याज और तूअर उत्पादक अब भी भुगतान के इंतजार में हैं।

  • Author By Amit Shamdiwal | published By रूपम सिंह |
Updated On: Apr 18, 2026 | 05:26 PM
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Solapur Farmers Crop News: सोलापुर जिले में फसल बीमा भरने के बावजूद किसानों को बेहद कम मुआवजा मिलने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। खरीफ सीजन में लाखों किसानों से प्रीमियम वसूला गया, लेकिन बदले में मिली राहत बेहद सीमित रही है।

जानकारी के अनुसार, गत खरीफ सीजन में जिले के करीब 3 लाख 31 हजार किसानों ने फसल बीमा के लिए 18 करोड़ रुपये से अधिक प्रीमियम जमा किया था। केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान सहित यह राशि 151 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इसके बावजूद पहले चरण में केवल 25 करोड़ 64 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया गया। इसमें से भी करीब साढ़े चार करोड़ रुपये ही किसानों तक पहुंच पाए हैं।

पहले चरण में माढा, अक्कलकोट, बार्शी, मालशिरस और करमाला तहसीलों के मूंग, मूंगफली, मक्का और बाजरा फसलों के नुकसान को शामिल किया गया है। इसके तहत 24 हजार 847 किसानों को ही लाभ मिल सका। वहीं खरीफ 2024 सीजन के 2,700 वंचित किसानों के लिए 8 करोड़ 51 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर की गई है।

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दूसरी ओर, सोयाबीन, प्याज और तुअर उत्पादक किसान अब भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सोयाबीन के लिए जिले से केवल एक ही मंडल को पात्र ठहराया गया है, जिससे अधिकांश किसान राहत से वंचित रह सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि गत सितंबर में भारी बारिश और बाढ़ के कारण करीब डेढ़ लाख किसानों की सवा लाख हेक्टेयर से अधिक फसलें प्रभावित हुई थीं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को अब तक राहत नहीं मिल पाई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बदले हुए बीमा नियमों का भी इस स्थिति पर असर पड़ा है। राज्य सरकार ने एक रुपये में फसल बीमा योजना बंद कर नई व्यवस्था लागू की है, जिसमें फसल कटाई प्रयोग को ही मुख्य आधार बनाया गया है। स्थानीय प्राकृतिक आपदा, प्रतिकूल मौसम, कीट-रोग प्रकोप और कटाई के बाद के नुकसान जैसे मानदंड हटाए जाने से किसानों को मुआवजा मिलने में मुश्किलें बढ़ी हैं।

मौजूदा हालात को देखते हुए साफ है कि प्रीमियम और मुआवजे के बीच भारी असंतुलन है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

Solapur crop insurance premium vs compensation farmers dissatisfaction

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Published On: Apr 18, 2026 | 04:45 PM

Topics:  

  • Maharashtra News
  • Solapur News

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