सुलझ गया खेलोबा के शिवाजी महाराज का मूर्ति विवाद, नई जगह होगी स्थापना, दोनों समुदाय की बनी सहमति

Anjangaon Dispute: माढा तालुका के अंजनगांव खेलोबा में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर हुआ विवाद सुलझ गया। दोनों समुदायों की सहमति से मंदिर परिसर से मूर्ति को दूसरी जगह स्थापित किया जाएगा।
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Anjangaon Dispute (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Solapur Shivaji Maharaj Statue Controversy: सोलापुर जिले के माढा तालुका के अंजनगांव खेलोबा में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर चला विवाद आखिरकार सुलझ गया है। दोनों समुदाय इस बात पर सहमत हो गए हैं कि जिस स्थान पर मूर्ति स्थापित की गई थी, वह खेलोबा मंदिर परिसर है। इसलिए अब मूर्ति को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए दोनों समुदायों के प्रतिनिधि मिलकर नई जगह का चयन करेंगे।

इस मुद्दे ने पिछले कुछ दिनों से अंजनगांव में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया था और राज्य स्तर पर भी इस पर चर्चा हो रही थी। मामले को सुलझाने के लिए प्रशासन और स्थानीय नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। शुक्रवार रात को पालक मंत्री जयकुमार गोरे, कोल्हापुर आईजी सुनील फुलारे, जिला कलेक्टर कार्तिकेयन, पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी और मोहोल के पूर्व विधायक राजन पाटिल सहित मराठा समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें समाधान निकाला गया।

नई जगह का निरीक्षण

बैठक में तय किया गया कि मंदिर परिसर में स्थापित मूर्ति को गांववासियों और मराठा समाज की सहमति से दूसरी उपयुक्त जगह पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए शनिवार को नई जगह का निरीक्षण किया जाएगा। पालक मंत्री जयकुमार गोरे ने नई जगह पर मूर्ति के सौंदर्यीकरण के लिए तत्काल एक करोड़ रुपये का फंड मंजूर करने की घोषणा की।

जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक गांव का दौरा कर स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नई जगह तय करेंगे। खेलोबा मंदिर परिसर में अचानक मूर्ति स्थापित किए जाने से विवाद उत्पन्न हुआ था। इस मुद्दे को लेकर मंदिर के पुजारी फरंडे महाराज ने आमरण अनशन शुरू किया था, जिससे गांव और तालुका में तनाव बढ़ गया था। धनगर समाज ने भी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था।

अनशन समाप्त

हालांकि, शुक्रवार रात को समाधान निकलने के बाद पुजारी फरंडे महाराज ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही चौथे दिन अंजनगांव में तनाव पूरी तरह खत्म हो गया। धनगर समाज के प्रदर्शनकारियों ने भी मंत्री जयकुमार गोरे और राजन पाटिल की अपील का सम्मान करते हुए समाधान को स्वीकार कर लिया।

पिछले तीन दिनों से जारी आंदोलन समाप्त हो गया है और प्रदर्शन स्थल खाली कर दिया गया। ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके सहित बाहर से आए सभी नेता और कार्यकर्ता वापस लौट गए। मराठा समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने भी शुक्रवार रात को आंदोलन खत्म कर दिया।

फिलहाल अंजनगांव में स्थिति सामान्य है, हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। मूर्ति को नई जगह स्थापित करने के लिए दोनों समुदायों के प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर स्थल का निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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