शक्तिपीठ महामार्ग के लिए सोलापुर के मानेगांव में नाप-जोख शुरू, किसानों के विरोध के बाद भारी पुलिस बल तैनात
Shaktipeeth Expressway Update: महाराष्ट्र के शक्तिपीठ महामार्ग प्रोजेक्ट का विरोध तेज हो गया है। मानेगांव में भारी पुलिस बल के बीच जमीन मापी शुरू होने से किसानों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है।
- Written By: आकाश मसने
शक्तिपीठ महामार्ग के लिए सोलापुर के मानेगांव में नाप-जोख शुरू (सोर्स: सोशल मीडिया)
Shaktipeeth Expressway Land Survey: महाराष्ट्र सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर अब टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। जमीन अधिग्रहण का लगातार विरोध कर रहे किसानों के भारी आंदोलन के बावजूद, प्रशासन ने शनिवार को कड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच GPS सर्वे और जमीन मापी का काम शुरू कर दिया है।
शक्तिपीठ महामार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने साेलापुर के मानेगांव क्षेत्र में कड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच जीपीएस सर्वे और जमीन मापी का काम शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की तैनाती के बीच मापी प्रक्रिया चली, जबकि किसानों में भय और असंतोषा का माहौल देखने को मिला।
किसान क्यों कर रहे शक्तिपीठ महामार्ग का विरोध
किसानों का आरोप है कि शक्तिपीठ महामार्ग प्रोजेक्ट के कारण उनकी भूमि उपजाऊ कृषि अधिग्रहित हो जाएगी और उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। शुक्रवार को जमीन मापी के विरोध में किसानों ने उग्र आंदोलन किया था। इसके बाद पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में नोटिस देकर छोड़ दिया गया। शनिवार सुबह से ही मानेगांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की कई टीमें तैनात कर दी गईं। करीब 40 से 50 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मानेगांव और चव्हाणवाडी क्षेत्र में छह अलग-अलग स्थानों पर नाप-जोख का काम किया गया।
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ट्रम्पेट इंटरचेंज को लेकर किसानों का विरोध
वैराग क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रम्पेट इंटरचेंज के कारण बड़ी मात्रा में उपजाऊ काली जमीन अधिग्रहित होने की संभावना है। इसे लेकर किसानों में भारी नाराजगी है। किसानो का कहना है कि ट्रम्पेट की जगह बदली जाए ताकि खेती योग्य जमीन बचाई जा सके। इस मुद्दे पर मोहोल विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजू खरे ने प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि ट्रम्पेट इंटरचेंज की प्रस्तावित जगह बदलवाने के लिए संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया किन अधिकारियों ने किसानों की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
क्या है शक्तिपीठ महामार्ग?
बता दें कि शक्तिपीठ महामार्ग महाराष्ट्र का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा, जो नागपुर संभाग के वर्धा जिले के पवनार से शुरू होकर महाराष्ट्र के गोवा की सीमा पर सिंधुदुर्ग जिले के पात्रादेवी को जोड़ेगा। इसकी कुल लंबाई 856 किलोमीटर होगी। इसका नाम ‘शक्तिपीठ’ इसलिए रखा गया है क्योंकि यह मार्ग महाराष्ट्र के तीन प्रमुख शक्तिपीठों- महालक्ष्मी, तुलजा भवानी और रेणुका माता के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ता है। यह पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा।
