

Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर खींचतान के संकेतों के बीच राकांपा (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने दावा किया कि अजीत पवार के बाद भाजपा ने वित्त मंत्रालय अपने पास रख लिया है और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को यह विभाग कभी नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा को अच्छी तरह जानता हूं, इसलिए उससे दूर हूं।
रोहित के अनुसार, अजीत पवार को उनकी अपनी पार्टी और भाजपा, दोनों से न्याय नहीं मिला। अजीत के पास राज्य के वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी थी। जनवरी में विमान दुर्घटना में उनके निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
बजट से जुड़े कामकाज के मद्देनजर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त मंत्रालय अपने पास रखा हालांकि, इसके बाद भी वित्त मंत्रालय एनसीपी को नहीं सौंपा गया है। इसी मुद्दे पर रोहित पवार ने भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
वित्त मंत्रालय नौ महीने से भाजपा के पास रहने और राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष पद सात महीने से रिक्त होने के कारण महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल राकां में नाराजगी बढ़ गई है। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने वित्त मंत्रालय वापस मिलने की अपेक्षा जताई है, जबकि विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि भाजपा यह विभाग राष्ट्रवादी कांग्रेस को वापस नहीं देगी।
एमपीएससी से जुड़े मामले की जांच पर रोहित पवार ने कहा कि उन्हें तुकाराम मुंढे पर भरोसा है। उन्होंने बताया कि कुछ विद्यार्थी उनसे मिले हैं और वे मुंढे को भी साक्ष्य सौंपेंगे।
रोहित पवार ने उम्मीद जताई कि जांच में जल्द तथ्यों का पता चलेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में नियुक्त किए गए लोगों की पृष्ठभूमि की जांच की गई है और संबंधित पदाधिकारी के बारे में उन्हें कोई नकारात्मक जानकारी नहीं मिली।
राज्य में सूखे की स्थिति और किसानों को दी जा रही पांच हजार रुपये की अग्रिम सहायता पर भी रोहित पवार ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जाए, अन्यथा सरकार को दिवाली नहीं मनाने दी जाएगी।
उनके मुताबिक, पांच हजार रुपये की सहायता देकर सरकार किसानों की समस्याओं को हल्के में ले रही है। रोहित ने कहा कि वह अब स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की तैयारी में सक्रिय होंगे। उन्होंने बताया कि हाल में वह एमपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन और अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे में व्यस्त थे।