

Station Master On Kavach Tower Solapur: मध्य रेलवे के सोलापुर मंडल के अंतर्गत आने वाले होटगी रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस समय एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर एस.एन. सिंह कथित मानसिक उत्पीड़न के विरोध में रेलवे के ऊंचे 'कवच टावर' पर चढ़ गए।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन और सुरक्षा अमले में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी और आरपीएफ (RPF) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। टावर के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई और कर्मचारी को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश और बातचीत का दौर शुरू किया गया।
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, यह पूरा विवाद सोलापुर मंडल द्वारा जारी एक हालिया परिचालन निर्देश से जुड़ा हुआ है। इस नए आदेश के तहत स्टेशन मास्टर एस.एन. सिंह को ओवरहेड इलेक्ट्रिक आइसोलेटर के संचालन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एसोसिएशन का आरोप है कि इस बेहद तकनीकी और जोखिम भरे काम को करने के लिए स्टेशन मास्टर पर लंबे समय से अनुचित प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा था। लगातार बढ़ रहे इसी मानसिक तनाव के कारण अंततः उन्होंने विरोध स्वरूप यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
एआईएसएमए के मंडल सचिव सुनील मिश्रा ने सीधे तौर पर मंडल रेल प्रबंधक, अपर मंडल रेल प्रबंधक और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी सहित कुछ अन्य आला अधिकारियों पर कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रविवार को होने वाली संगठन की मंडलीय बैठक में इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। दूसरी तरफ, घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक स्वयं मौके पर मोर्चा संभाले हुए हैं और कर्मचारी से संवाद कर रहे हैं।
सोलापुर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी जयदीप प्रदक्षिणे ने मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन के लिए इस समय कर्मचारी की जान और सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि तथ्यों का सत्यापन करने के लिए एक विस्तृत प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सोलापुर मंडल की ओर से कोई अंतिम आधिकारिक वक्तव्य जारी किया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक स्टेशन मास्टर को सुरक्षित नीचे लाने के प्रयास जारी थे और रेलवे कर्मचारी संगठन इस पूरे मामले को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।